बाइक को जोड़कर रेहड़ा चलाकर रोजी-रोटी का जुगाड़ करने वाले लोगों ने खाकी के वार से परेशान होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। नुमाइश मैदान में एकत्र होकर इन लोगों ने प्रदर्शन किया।
बुधवार को मेरठ रोड पर नुमाइश मैदान में सैकड़ों लोग अपने वाहनों के साथ जमा हुए और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। ये लोग पुरानी बाइकों को खरीदकर उसका इंजन और आगे की बॉडी रेहड़े की बॉडी में फिट कराकर मजदूरी करने का कार्य कर अपने परिवार की रोजी-रोटी का जुगाड़ चला रहे हैं।
इन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से शहर में उनको अपना रेहड़ा चलाने नहीं दिया जा रहा है। यही रेहड़ा उनके परिवार की आजीविका का साधन है। मल्हूपुरा निवासी तसव्वुर ने कहा कि आए दिन शहर में चौराहों या अन्य मार्गों पर तैनात होमगार्ड और सिपाही उनके रेहड़ों को गैर कानूनी बताते हुए पकड़ लेते हैं। उनको पुलिस लाइन में ले जाकर खड़ा कर दिया जाता है और फिर अवैध वसूली कर रेहड़ों को छोड़ने का खेल चलता है।
इससे उनको आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी शोषण के खिलाफ वो एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो प्रशासन से यह चाहते हैं कि यदि उनके इस जुगाड़ के संचालन के खिलाफ शासन का कोई आदेश है तो वो उनको दिखाया जाये, इनको बंद करने के लिए उनको कम से कम एक साल का समय मिले ताकि वो आर्थिक बंदोबस्त कर कोई और रोजगार का साधन जुटा सकें।
प्रदर्शनकारियों ने होमगार्डों पर वसूली के आरोप लगाते हुए रोष जताया। नुमाइश मैदान पर प्रदर्शन में उम्मेद, मुंतजिर, मेहरदीन, समेदीन, रिजवान, बालकिशन, ओमवीर सिंह, पप्पू, सरजुल्ला, तसलीम, तंजीम, राजेन्द्र कुमार, मिन्टू, श्याम कुमार सहित सैकड़ों रेहड़ा चालक शामिल रहे।