भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में गणेश महोत्सव में बच्चों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के रामलीला मैदान में भारतीय पांडव सेना के तत्वावधान में चल रहे गणेश चतुर्थी महोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने गजानन को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस दौरान भगवान गणेश के साथ भगवान शिव की भी आराधना की गई। महोत्सव में श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा को मोदक और खीर का भोग लगाया। भगवान शिव की फूल-पत्तियों से पूजा अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के जयकारे लगाए और भक्ति भाव से पूजा में भाग लिया।
आयोजन में सतीश चंद्र मौर्य ने गणपति की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता कहा जाता है। वे भक्तों के जीवन की बाधाएं दूर कर सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मान्यता है कि गणपति बप्पा को प्रिय भोग अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
महोत्सव के निदेशक रणधीर नाथ उपाध्याय ने बताया कि भगवान गणेश को मीठा विशेष प्रिय है। खीर भी उनका पसंदीदा भोग माना जाता है। दूध, चावल या साबूदाना, चीनी और सूखे मेवों से तैयार खीर श्रद्धा के साथ अर्पित की जाती है। उन्होंने कहा कि भोग केवल प्रसाद नहीं, बल्कि भक्तों के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। शुद्ध भाव से पूजा करने पर परिवार में सुख, सौहार्द और प्रसन्नता बनी रहती है।
रात में बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर अध्यक्ष ओमवीर भडाना, उपाध्यक्ष अनीता उपाध्याय, शुभम समेत भारतीय पांडव सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।