चीनी मिलों पर 569 करोड़ बकाया
मुजफ्फरनगर जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 569 करोड़ बकाया है। इसमें अकेली भैसाना चीनी मिल पर आधे से अधिक 339 करोड़ बाकी है। पांच चीनी मिले 90 प्रतिशत से अधिक भुगतान कर चुकी हैं। चीनी मिलों में किसानों ने इस सत्र में 3246 करोड़ 23 लाख दस हजार का गन्ना डाला है। चीनी मिले किसानों को अब तक 2677 करोड़ का भुगतान कर चुकी हैं। जिले की खतौली चीनी मिल 94.09 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। तितावी 91.97 प्रतिशत, मंसूरपुर 91.78 प्रतिशत, टिकौला 97.67 प्रतिशत, रोहाना 95.86 प्रतिशत भुगतान कर चुकी है। खाईखेडी ने 87.25 प्रतिशत और मोरना ने 64.94 प्रतिशत भुगतान किया है। भैसाना चीनी मिल ही ऐसी मिल है जो अब तक केवल 24 प्रतिशत भुगतान कर पाई है।
मिल किसानों का कुल पैसा बकाया
खतौली: 760 करोड़- 45 करोड़
तितावी: 537 करोड़- 43 करोड़
भैसाना: 447 करोड़- 339 करोड़
मंसूरपुर: 466 करोड़- 38 करोड़
टिकौला: 551 करोड़- 13 करोड़
खाईखेडी: 207 करोड़- 26 करोड़
रोहाना: 107 करोड़- चार करोड़
मोरना: 168 करोड़- 59 करोड़
इस बार 13281 हेक्टेयर जमीन पर हो रही धान की खेती
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार जिले में लगभग 13281 हेक्टेयर जमीन में धान की खेती हो रही है। 5360 हेक्टेयर जमीन में बाग, 831 हेक्टेयर में फूल व सब्जी व अन्य में औषधीय एवं मसालों की खेती होती है। गेहूं का क्षेत्रफल तो यहां 60 से 70 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। सिखेड़ा के किसान राहुल का कहना है कि धान की खेती में लागत ज्यादा है। खेत पर रात को रहकर जंगली पशुओं से रखवाली करनी पड़ती है। मेहनत भी वसूल नहीं होती। बेहड़ा थ्रू के किसान पुष्पेंद्र ने बताया कि धान की खेती में मेहनत अधिक है। धान में कई बार दवाइयों का छिड़काव करना पड़ता है।
मुजफ्फरनगर जनपद में धान का क्षेत्रफल धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष धान का क्षेत्रफल कुछ बढ़ने की उम्मीद है। धान की कम पैदावार होने का कारण गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ा है। - पवन कुमार विश्वकर्मा, जिला कृषि रक्षा अधिकारी