मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के सर्वे के लिए अधिकृत की गई स्पेस कंबाइन कंसल्टेंट डिबार किए जाने के बाद किस्तों का इंतजार कर रहे लाभार्थियों की मुश्किलें बढ़ गई है। शासन ने किस्त रोक दी है। मकान अधूरे पड़े हैं। सैकड़ों लाभार्थी किराए पर रहकर अपना मकान पूरा होने का सपना देख रहे थे, लेकिन किस्त रोके जाने से समस्या बढ़ गई है। लाभार्थियों का कहना है कि कंपनी पर सरकार ने कार्रवाई की है, लेकिन खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। जिला विकास नगरीय अभिकरण (डूडा) के प्रभारी परियोजना निदेशक संजीव सैनी का कहना है कि शासन से जिस तरह के निर्देश मिलेेंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
18,145 आवास हो चुके स्वीकृत
किस्त लाभार्थी
प्रथम 16902
द्वितीय 15110
तृतीय 11776
केस-1 : खतौली के मोहल्ला तगान निवासी इकबाल का कहना है कि एक ही किस्त आई है। पहले उम्मीद थी कि सर्दी से पहले मकान बन जाएगा। सरकार की योजनाओं को कुछ अधिकारी सही क्रियान्वित नहीं होने दे रहे हैं। यही वजह है कि लाभार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
केस-2 : खतौली के वार्ड संख्या चार निवासी मोहम्मद उमर का कहना है कि अपनी पत्नी फेमिदा के नाम से मकान स्वीकृत हुआ था। छह महीने से वह मकान की आखिरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। परिवार के सामने हालात मुश्किल हो गए हैं। अब सरकार ने कंपनी पर कार्रवाई कर दी है। सर्दी में भी मकान पूरा होने की संभावना नहीं लग रही है।
लाभार्थियों ने उखाड़कर फेंक किया योजना का पत्थर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने वाले कई लाभार्थियों ने अपने मकानों से योजना का पत्थर उखाड़कर फेंक दिया है। मकान के बाहर लगने वाले पत्थर को हटाकर कई जगह सीमेंट करा दिया गया है। कई जगह पत्थर इस तरह लगवाया गया है कि आने जाने वाले लोगों को यह दिखाई न दें। साइज भी कम करने के मामले हैं। कुछ लोगों ने अपने मकान के पीछे के हिस्से में यह पत्थर लगाया है। जिला विकास नगरीय अभिकरण (डूडा) के प्रभारी परियोजना निदेशक संजीव सैनी का कहना है कि अगर कहीं से पत्थर हटाए गए हैं तो जांच की जाएगी।