मौत के 19 साल बाद फर्जी वसीयत का आरोप
मुजफ्फरनगर। जानसठ क्षेत्र के नाईपुरा गांव में किसान की मौत के बाद फर्जी वसीयत कराने का आरोप लगाया गया है। भाइयों के पारिवारिक विवाद की शिकायत राजस्व परिषद अध्यक्ष से की गई। आरोपी तहसीलदार जानसठ का अर्दली है। तहसीलदार का कहना है कि अगर उन्हें शिकायत मिलती है तो प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
नाईपुरा निवासी रमेश चंद का आरोप है कि उनके दादा शेर सिंह की मृत्यु के करीब 19 साल बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चचेरे भाई जानसठ तहसील में अर्दली हरवीर सिंह ने फर्जी वसीयत अपनी पत्नी और भाइयों के नाम करा ली। वसीयत छह जनवरी 2000 को तैयार कराई, जबकि इसका रजिस्ट्रेशन 29 अक्तूबर 2018 को कराया। आरोप है कि जो स्टांप लगाया गया है वह बैक डेट का है। स्टांप विक्रेता की मुहर भी नहीं लगाई गई है। उनके दादा का मृत्यु प्रमाणपत्र क्षेत्र पंचायत सदस्य से बनवाया गया है, जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्य को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार ही नहीं होता।
वसीयत के रजिस्ट्रेशन से पहले पीड़ित के पिता और ताऊ के नाम जो समन जारी किए गए थे, आरोप है कि उन्हें आरोपी हरवीर की पत्नी सर्चना देवी ने ही रिसीव कर लिया। जिस वजह से उन्हें रजिस्ट्रेशन की भनक तक नहीं लगी। तहसीलदार जानसठ अभयराज पांडेय का कहना है कि अगर उन्हें शिकायत मिलती है तो निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।