चरथावल में शराब की दुकान बंद कराने को लेकर बुड्ढ़ाखेड़ा गांव में दूसरे दिन भी महिलाओं ने धरना देकर हंगामा किया। थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को समझाया, लेकिन महिलाओं ने दुकान स्थायी रूप से बंद होने तक शाम को रोजाना धरना देने का एलान किया। उधर, शराब बंदी को लेकर चरथावल के लोगों का दूसरे दिन भी धरना जारी रहा।
सहारनपुर जनपद की सीमा से सटे चरथावल क्षेत्र का गांव बुड्ढ़ाखेड़ा में आबादी के बीच शराब की दुकान को लेकर महिलाओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गांव की दुकान पर महिलाओं द्वारा किए गए प्रदर्शन से गुस्साए पति ने पत्नी पर हमला कर घायल कर दिया। पति ने पत्नी से धरने में शामिल होने की सजा दी।
इस पर महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया। बुधवार को भी दर्जनों महिलाओं ने दुकान पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। जिस कारण से सेल्समैन दुकान बंद कर वापस चले गए। महिलाओं ने दुकान पर धरना देकर बैठ गई। सूचना पर डायल 100 पुलिस और थाना प्रभारी संजीव शर्मा मौके पर पहुंचे।
महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में उनकी मांग का आला अफसरों से अवगत करा दिया है, लेकिन महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रही। पुलिस के समझाने के बाद महिलाएं घंटों बाद घरों को लौट गई, लेकिन शाम को रोजाना शराब की दुकान पर धरना देने का एलान किया, ताकि वहां शराब की बिक्री न हो।
सीता, शिमला, सुनीता, रीना, कुसुम आदि मौजूद रहीं। दूसरी ओर कस्बे में रोहाना तिराहे पर चल शराब बंदी को लेकर चल रहा धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। मौके पर किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर धरनारत लोगों में गुस्सा है। इस दौरान अंकित, दर्पण कंसल, तोषण आर्य, संजय रावत, सुनील त्यागी मौजूद रहे।