खेत में भेड़ों ने जहरीला पानी पी लिया। जहरीला पानी पीने से 40 भेड़ मर गईं। और 35 भेड़ बीमार हो गई। सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सकों ने तुरंत इलाज कर दो दर्जन भेड़ों की जान बचा ली। लेखपाल ने भेड़ों के मरने से हुए पीड़ित परिवार को नुकसान का जायजा लेकर तहसील अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। भाजपा नेता डा. वीरपाल निर्वाल ने पीड़ित परिवार को शासन व प्रशासन से आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
थाना भोपा क्षेत्र के शुक्रताल में ब्रजपाल पुत्र निरंजन पाल भेड़ पालन का कार्य कर अपने परिवार का लालन पोषण करता है। बुधवार दोपहर ब्रजपाल अपनी 75 भेड़ों को जंगल में चारा चराने के लिए लेकर गया था। खेत की नाली में भरे पानी में बेड पानी पीने लगी। नाली में कीटनाशक दवा डाली गई थी, जिससे पानी जहरीला था।
पानी पीते ही सभी भेड़ बीमार होने लगी। भेड़ों के बीमार होने पर भाजपा नेता गोविंद शुक्ला की सूचना पर भोकरहेड़ी व भोपा से पशु चिकित्सक डा. यशवंत सिंह, डा. हरेंद्र कुमार की टीम ने मौके पर जाकर भेड़ों का इलाज शुरू किया। पशु चिकित्सकों के घंटों प्रयास के चलते दर्जनों भेड़ों की जान को बचाया जा सका।
डा. यशवंत ने बताया कि प्रथम दृष्टया भेड़ मरने का कारण वाटर प्वायजनिंग का लग रहा है। एक भेड़ के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। चिकित्सकों ने 40 भेड़ों के मारने की पुष्टि की। भाजपा नेता डॉ. वीरपाल निर्वाल ने शासन व प्रशासन से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। भेड़ों की मरने की जानकारी पर ग्राम प्रधान सुशील कुमार, विनोद शर्मा, शरद वत्स, मुकेश कुमार, कृष्णपाल, अंकित, शिवकुमार, कृष्ण, जानी भी पीड़ित के घर पर पहुंचे।