मुजफ्फरनगर। पश्चिम यूपी में साल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए उठापटक का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले आठ साल से रालोद का हिस्सा रहे पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान आसपा में शामिल होंगे। दो फरवरी को शामली के गढ़ीपुख्ता में जनसभा में सदस्यता ग्रहण करेंगे।
मूलरूप से गढ़ीपुख्ता का रहने वाले पूर्व सांसद अमीर आलम का परिवार पिछले चार दशक से सियासत में सक्रिय हैं। पूर्व विधायक नवाजिश आलम ने साल 2017 में बसपा के टिकट पर मीरापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार मिली। पिता-पुत्र ने 2018 में रालोद का दामन थाम लिया। साल 2019 के लोकसभा, 2022 के विधानसभा और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर और शामली की अलग-अलग सीटों से टिकट के लिए दावा भी किया, लेकिन रालोद ने चुनाव नहीं लड़ाया। पूर्व सांसद ने कई बार सार्वजनिक तौर पर टिकट नहीं दिए जाने पर नाराजगी भी जताई। मीरापुर विधानसभा के उपचुनाव में भी पूर्व विधायक को टिकट दिए जाने का दावा किया, लेकिन एन वक्त पर भाजपा की मिथलेश पाल को रालोद का टिकट मिला और जीत हासिल हुई। आलम परिवार मीरापुर के चुनाव प्रचार में भी नजर नहीं आया था।