मुजफ्फरनगर। संत आसाराम के रसोइये अखिल गुप्ता की हत्या के बाद मामले की जांच सीबीआई कर रही है। एक साल से अखिल के घर पर परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस पिकेट तैनात है। बीते कुछ दिन से परिवार की रेकी किए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार को अखिल के पिता और पत्नी ने एसएसपी केबी सिंह से मिलकर सुरक्षा में बरती जा रही चूक पर सवाल खड़े किए। एसएसपी ने सुरक्षा गारद में दो सिपाहियों को बदल दिया है।
आसाराम बापू के अहमदाबाद के आश्रम में 11 साल तक रसोइया रहे खास राजदार अखिल गुप्ता की 11 जनवरी को देर रात घर लौटते हुए जानसठ रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूरत की बहनों से दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के मुकदमे में अखिल सरकारी गवाह बन गया था। वर्ष 2008 में अखिल ने बापू का आश्रम छोड़कर वर्षा से शादी कर ली थी।
वर्षा भी बापू की अनुयाई थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर सीबीआई अखिल हत्याकांड की जांच कर रही है। दो माह पहले बंगलूरू में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े बीजापुर कर्नाटक के वासु और दमनद्वीप की सैजल उर्फ ज्योति ने अखिल की हत्या से जुड़े कई राज खोले थे। हिरासत में लिए गए आरोपी भी बापू के अनुयाई हैं। देशभर में गवाहों पर हमलों की योजना सूरत के आश्रम में बनी थी। बीते एक सप्ताह से कोतवाली नई मंडी क्षेत्र में अखिल और वर्षा के गंगा एंकलेव स्थित मकान की रेकी किए जाने की शिकायत पुलिस से की गई थी।
गुरुवार को अखिल के पिता नरेश गुप्ता और पत्नी वर्षा गुप्ता ने एसएसपी केबी सिंह से मिलकर सुरक्षा में लगी पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए। साथ पहुंचे सुरक्षाकर्मियों से कप्तान ने पूछताछ की। पुलिसकर्मियों पर बुलेटप्रूफ जैकेट और एक्स्ट्रा मैगजीन नहीं थी। एसएसपी ने तत्काल दोनों पुलिसकर्मियों को सुरक्षा से हटा दिया। उनकी जगह नए दो सिपाही भेजे गए हैं। एसएसपी ने अखिल के परिजनों को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा में कोताही नहीं बरती जाएगी। शाम को पुलिस ने नरेश गुप्ता के घर पहुंचकर सुरक्षा का जायजा लिया।
आसाराम बापू के खिलाफ दर्ज मुकदमों में गवाह बना कानपुर निवासी राहुल सचान बीते 20 दिन से लखनऊ से लापता है। नरेश गुप्ता के मुताबिक राहुल के गायब होने से उनका परिवार दहशत में है। कई बार राहुल से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद आया। जानकारी करने पर पता चला कि वह परिवार के भी संपर्क में नहीं है।