मुजफ्फरनगर। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। धीरे-धीरे वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक श्रेणी में पहुंच रहा है। कोल्हुओं में प्रतिबंधित ईंधन जलाए जाने के कारण जहरीला धुआं निकल रहा है। बृहस्पतिवार को जनपद का एक्यूआई 295 पर पहुंच गया, जो खतरनाक श्रेणी से केवल पांच अंक ही पीछे है। ग्रेप-टू लागू होने के बावजूद वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने से सांस और अस्थमा रोगियों को परेशानी हो रही है।
एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने के लिए ग्रेप-टू लागू किया गया है। सख्ती के दावों के बावजूद ग्रेप-टू के प्राविधानों का उल्लंघन हो रहा है। जनपद में कई स्थानों पर गुड़ कोल्हू प्लास्टिक से लेकर रबड़ तक जला रहे हैं। स्मॉग के कारण सुबह-शाम टहलने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बहुत से निर्माण स्थलों पर सड़क किनारे छिड़काव नहीं हो रहा, कई जगहों पर डीजल जनरेटर लगातार चल रहे हैं।
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ये बरतें सावधानी
वायू प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप-टू की पाबंदियां लागू की गई हैं। इसके तहत निर्माण इकाइयों के आसपास पानी का छिड़काव जरूरी है। आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जेनरेटर सेट के उपयोग पर रोक है। कोयले और लकड़ियों के तंदूर एवं भट्ठियों पर प्रतिबंध लगा है।फैक्टरियों में हो रहा पानी का छिड़काव
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष का कहना है कि हाल में ही वायु प्रदूषण फैलाने वाले गुड़ कोल्हुओं पर जुर्माना लगाया गया था। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पालिका के माध्यम से एंटी स्मॉग गन का प्रयोग कराया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्टरियों की ओर से पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
वायु प्रदूषण कम करने के लिए ये करें
- निजी वाहनों का कम और सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का उपयोग करें।
- घर पर ऊर्जा बचाएं और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- वायु प्रदूषण कम करने को कचरा न जलाएं, वाहनों का रखरखाव करवाएं।
- आबादी क्षेत्र में पेड़ों की पत्तियां, एकत्र कचरा आदि जलाने से बचें।