शिवचौक पर अहोई अष्टमी के लिए मिट्टी के करवे खरीदती हुई महिला स्रोत संवाद
मुजफ्फरनगर। सोमवार को अहोई अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। माताएं संतान की मंगलकामना के लिए आज निर्जला उपवास रखेंगी। इसके लिए रविवार को बाजारों में रौनक रहीं। महिलाओं ने अहोई माता की तस्वीरें, चुनरी, करवे और चांदी के मोतियों की खरीदारी की। इसके साथ ही बच्चों के लिए परिधान और उपहार की भी खूब बिक्री हुई।
शहर भगत सिंह रोड, गांधी कॉलोनी, शिवचौक, नई मंडी बाजार, गोल मार्किट समेत अन्य बाजारों में अहोई अष्टमी के लिए बाजार सजे रहे। मिट्टी और स्टील के करवों की काफी डिमांड रही। डिजिटल अहोई माता की फोटो फ्रेम और सुंदर थाली सेट की खरीदारी हुई। सराफा बाजार में स्याऊ माता के लोकेट और मोतियों की खरीदारी भी हुई। रविवार को चांदी की कीमत 1740 रुपये प्रति दस ग्राम रहे।
भगत सिंह रोड स्थित ज्वेलरी शोरूम पर आई महिला श्वेता गोयल ने बताया कि उनके यहां संतान के पांच साल के होने तक मोतियों के दानों की माला तैयार की जाती है। प्रतिवर्ष चांदी की कीमत तेजी से बढ़ रही हैं। इस बार तो चांदी ओर सोने के भाव काफी बढ़ रहे हैं।
शाम को 6.28 पर दिया जाएगा अर्घ्य
आचार्य जगमोहन भारद्वाज ने बताया कि अहोई अष्टमी का पर्व दीवाली से आठ दिन पहले मनाया जाता है। सुबह कथा सुनकर माताएं निर्जल व्रत का संकल्प लेती हैं। शाम के समय महिलाएं अहोई देवी की पूजा-अर्चना करती हैं। तारों के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। अहोई अष्टमी के लिए पूजा का सर्वोत्तम समय शाम 05:53 मिनट से लेकर 07:08 मिनट तक रहेगा। तारों का दर्शन कर व्रत के पारण का समय शाम को 06:28 मिनट से शुरू हो जाएगा।
शिवचौक पर अहोई अष्टमी के लिए मिट्टी के करवे खरीदती हुई महिला स्रोत संवाद