कोर्ट परिसर में आयेजित लोक अदालत में समस्या सुनते अधिकारी।
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लोक अदालत में 5552 मामलों में हुआ समझौता
मुजफ्फरनगर। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लागाई गई राष्ट्रीय लोक अदालत में 5552 मामलों का निस्तारण समझौते के आधार से किया गया। इनमें तहसीलों के 4403 और बैंकों के 372 मामले शामिल हैं। पारिवारिक विवाद के भी 30 मामले भी निपटाए गए।
न्यायालय परिसर में लगी लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर जिला जज राजीव शर्मा ने किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल और शुलभ न्याय प्रदान करना है। वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके बीच आपसी सौहार्द बना रहता है। जिला जज ने आसिफ बनाम रिहाना और आरिफ बनाम अफसाना के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद का निस्तारण कराया। समझौते के आधार पर दंपती को एक साथ भेजा। कुटुंब न्यायालय ने 30 वादों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकीम अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला न्यायालय में 777 मुकदमे निस्तारित किए गए। पांच लाख 17 हजार 910 का अर्थदंड वसूल किया गया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अपने न्यायालयों में 4403 वाद निस्तारित किए। बैंकों के 372 ऋण मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें 4,57,89,488 रुपये की वसूली की गई। लोक अदालत में बीएसएनएल, बिजली और इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद रहे। काफी संख्या में अधिवक्तागण, वादकारी, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, एलडीएम आदि अधिकारी भी मौजूद रहे। नोडल अधिकारी अपर जिला जज ओमवीर सिंह ने सभी का आभार जताया।