पहाड़ों पर लगातार पड़ रही बर्फबारी का यहां सीधा असर पड़ रहा है। बर्फीली हवा चलने से लोग दिन में भी कंपकंपाने को मजबूर हैं। सोमवार सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहने से ठंड ने लोगों को पूरी तरह सिकोड़ कर रख दिया। दिन में धूल भरी हवा चलने और बूंदाबांदी से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। आकाश में सुबह से ही घने काले बादल छाए रहे। सुबह के समय कुछ देर के लिए सूरज दिखाई दिया, उसके बाद बादलों ने उसे ढक लिया। पूरे दिन काले बादलों में सूरज छिपा रहा। दोपहर बाद अचानक तेज हवाएं चलने से धूल भरी आंधी की स्थिति पैदा हो गई।
सड़कों पर धूल और आंधी में आम आदमी परेशान दिखाई दिया। आंधी के चलते सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। इसी के साथ बूंदाबांदी ने मौसम में एक बार फिर ठंडक पैदा कर दी है। लोग शीतलहर के चलते दिन में भी कंपकंपाते देखे गए। शाम के समय ठंड का सबसे अधिक असर दिखाई दिया। ठंड से बचने के लिए लोग जल्द ही अपने घरों में कैद हो गए। मजबूरी में ही लोग घरों से बाहर रहे। ठंड का असर यह रहा कि शाम के समय बाजार भी जल्द बंद हो गए। आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा।
आंधी से पूरे शहर में अंधेरा छाया
मुजफ्फरनगर। सोमवार शाम के समय तेज आंधी से पूरे शहर में अंधेरा छा गया। कई स्थानों पर तार टूट गए। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे शहर की बिजली बंद कर दी गई। सोमवार शाम करीब पांच घंटे तक पूरा शहर अंधेरे में डूबा रहा। शाम चार बजे के समय चली आंधी के बाद पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। बाद में हवाओं के कम होने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। देर रात तक बिजली को सुचारु करने का काम चलता रहा।
आधे शहर में रात 8.30 बजे आपूर्ति बहाल हुई। अधीक्षण अभियंता एके आत्रेय ने बताया कि आंधी के कारण शहर के बाहर कुछ स्थानों पर पेड़ की शाखाएं गिरने से बाकी स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि बिजली बंद कर दी गई। बाद में तेजी के साथ सभी लाईनों को सुचारु किया गया। देर रात विभाग के समस्त अधिकारी और कर्मचारी इसमें लगे रहे। लगभग पांच घंटे तक लोगों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
बारिश से गन्ने की छिलाई प्रभावित और कोल्हू बंद हुए
खतौली/मीरापुर। हल्की धूप निकले के बाद अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। आकाश में काले बादल मंडराने लगे। दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी होनी शुुरू हुई। जिसके बाद शीत लहर चलने लगी। बारिश की वजह से किसानों की गन्ने की छिलाई भी प्रभावित हो गई। ईंधन भीगने से संचालकों को अपने कोल्हू बंद करने पड़े। बारिश की वजह से किसानों के चेहरे मुरझा गए है। किसान राजेंद्र राणा, प्रदीप बालियान, संदीप सैनी, दीपचंद ठाकुर, मूलचंद सैनी, आलोक, महेंद्र, शमशाद, सलीम आदि किसानों का कहना है कि पिछले दो दिनों से मौसम में गर्मी थी।
सोमवार को हुई हल्की बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। उधर, मीरापुर में सोमवार प्रात: से ही पूर्वा हवा चल रही थी। दोपहर बाद हवाओं के तेज होने से आकाश में बादल छा गये और दिन में अंधेरे का आभास हो गया। हवाओं के साथ हल्की वर्षा से तापमान में गिरावट आयी और शीतलहर का प्रकोप हो गया। शरद ऋतु की पहली वर्षा से गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा।