प्रदेश की बिगड़ती कानूनी व्यवस्था और कई स्थानों पर हुई वकीलों की हत्या के विरोध में जिला बार संघ एवं सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कचहरी में शांति जुलूस निकाला। ट्रेजरी कार्यालय की तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम ज्ञापन एसडीएम बाबूराम को सौंपा। इसमें प्रदेश में कानून व्यवस्था सुचारुकरने, मृतक अधिवक्ताओं के आश्रितों को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और शस्त्र लाइसेंस प्रदान करने की मांग की गई।
जिला बार संघ और सिविल बार एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर अधिवक्ताओं ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सुबह 11 बजे जिला बार संघ के सभागार में अधिवक्ता इकट्ठा हुए। बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और महासचिव सुरेंद्र कुमार मलिक, सिविल बार महासचिव बिजेंद्र सिंह मलिक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कचहरी में जुलूस निकाला।
जुलूस के रूप में ट्रेजरी कार्यालय पर पहुंचकर अधिवक्ताओं ने तालाबंदी कर धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में कई वकीलों की हत्याएं हो चुकी हैं। इससे अधिवक्ताओं में रोष है और ऐसी घटनाएं रुकनी चाहिएं। अधिवक्ताओं का पेशा मुकदमा लड़ना है। ऐसे में उनकी जान पर खतरा बना रहता है। इसके लिए सरकार को सुरक्षा का माहौल बनाना चाहिए।
करीब एक घंटे तक धरना दिया गया। जिला बार संघ और सिविल बार एसोसिएशन की ओर से संयुक्त रूप से एसडीएम बाबूराम को सीएम के नाम ज्ञापन दिया गया। जुलूस और धरने में जिला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, महासचिव सुरेंद्र कुमार मलिक, पूर्व अध्यक्ष ठाकुर अनूप सिंह, अनिल जिंदल, भारतवीर अहलावत, ललित भारद्वाज, कुलबीर सिंह पुंडीर, सुभाष सैनी, मानवेंद्र जैन, नरेशचंद्र त्यागी, सहदेव त्यागी, कुशलपाल, कमलकांत, प्रवीण, आदेश सैनी, सुभाष कुमार, वसी अंसारी आदि काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
सपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी से परहेज
अधिवक्ताओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था के खिलाफ कचहरी में जुलूस और धरना प्रदर्शन तो किया मगर सपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी से परहेज रखा। ट्रेजरी पर धरने के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करने का प्रयास किया तो कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने ऐसा करने से मना कर दिया।