मुजफ्फरनगर। मृतक आश्रितों को अब सहायता राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी। बैंक ड्राफ्ट और चेक पर प्रदेश सरकार ने पाबंदी लगा दी है। विभाग आश्रित की संपूर्ण डिटेल को ऑनलाइन के साथ हार्ड कॉपी में भी सुरक्षित रखेेंगे। चेक और ड्राफ्ट में होने वाली चूक, नाम में गड़बड़ियों के साथ लाभार्थी को देर से मदद पहुंचने की शिकायत मिलने पर यह कदम उठाया गया है।
प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर को नए सिरे से आदेश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि राज्य में सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों की मदद ई-पेमेंट से होगी। अब तक कर्मचारी के परिजनों को सरकार स्तर से मिलने वाली सहायता को प्रशासन चेक, बैंक ड्राफ्ट के रूप में देता था, जो पीड़ितों तक समय पर नहीं पहुंच पा रही थी। शासन स्तर तक चेक में पीड़ित के नाम त्रुटि, ड्राफ्ट गलत बन जाने के साथ चेक गुम होने की भी शिकायतें पहुंची हैं।
अब नोटबंदी के बाद बदले हालात भी मदद पहुंचाने में काबिल नहीं रहे हैं। जिसके चलते ई-पेमेंट से पीड़ितों की सहायता की योजना तैयार की गई है। शासन ने आदेश में कहा कि विभागीय स्तर पर अनुकंपा निधि लाभार्थियों का भुगतान उनके बैंक खाते में भेजा जाए। लाभार्थी का बैंक एकाउंट, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी विभाग अपने पास जमा कराएंगे। जिसकी जांच-पड़ताल करने के बाद ही शासन तक डॉक्युमेंट भेजे जाएं। मिलने वाली राशि 20 से एक लाख तक हो सकती है। उप्र सचिव वित्त मुकेश मित्तल द्वारा आदेश जारी किए गए।