मुजफ्फरनगर में आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने शिव सैनिकों के साथ मिलकर बृहस्पतिवार को रैली निकालकर शहर जाम कर दिया। उमड़ी भीड़ के चलते पुलिस-प्रशासन भी व्यवस्था करने में विफल हो गया। शिवचौक पर जहां घंटों जाम की स्थिति रही, वहीं महावीर चौक पर धरना दे दिया गया। महावीर चौक पर लगे सपा के बैनर फाड़ दिए गए और होर्डिंग्स तोड़ दिए गए। भीड़ के सामने अफसर भी बेबस नजर आए।
मानदेय बढ़ाए जाने को लेकर बीते एक माह से आंगनबाड़ी कर्मचारी कलक्ट्रेट में आंदोलनरत हैं। मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आंगनबाड़ी के 800 और सहायिका के चार सौ रुपये बढ़ाने की घोषणा की है। इससे आंगनबाड़ी का एक गुट तो मान गया और एक गुट आंदोलन पर अड़ा है।
जिले में चल रहे आंदोलन को शिवसेना ने भी अपना समर्थन दिया है। अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी और शिवसैनिक टाउनहाल में एकत्र हुए। यहां से रैली का शुभारंभ हुआ। आंगनबाड़ी ने अपनी मांगों को लेकर इस दौरान जमकर नारेबाजी की। रैली शिवचौक पहुंची तो चौतरफा जाम लग गया। अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था नहीं संभाल पाये। लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा।
इसके बाद यहीं से झांसी की रानी, कचहरी रोड, प्रकाश चौक होते हुए महावीर चौक पर पहुंचे। महावीर चौक पर धरना शुरू कर दिया गया। जाम लगा दिए जाने से पूरा शहर ब्लॉक हो गया। यहां गुस्साए शिवसैनिकों और आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने सपा के बैनर और होडिंग्स उखाड़ फेंके। सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह और सीओ सिटी राजवीर सिंह ने समझाने का प्रयास किया। शिवसेना के ललित मोहन शर्मा, मनोज सैनी ने कहा कि आंगनबाडी को जब तक न्याय नहीं मिल जाता हम उनके साथ हैं। बबीता रानी, कृष्णादेवी, योगेंद्र शर्मा, प्रदीप जैन, दीपिका, लोकेश सैनी, जितेंद्र गोस्वामी, कविता, सविता, आशीष, रेखा, अनिता आदि रहीं।