शेरनगर निवासी राहुल घोड़े-तांगे पर मिट्टी के बर्तन बेचने का काम करता है। रविवार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे बारिश होने पर वह घर में बंधे घोड़े को दूसरे स्थान पर बांधने के लिए घर से घेर में गया था। उसका बेटा किट्टू (5) व छोटा बेटा अवि भी पिता के पीछे आ गया। दोनों बारिश में नहाने लगे।
दोनों नहाते हुए बाहर आ गए। बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा था। पास में ही गांव की निकासी वाला नाला था। मासूम अवि नाले के पास जा पहुंचा और उसमें गिर गया। किट्टू ने शोर मचाया तो पास से जा रहे एक ग्रामीण ने अवि को बचाने के लिए प्रयास किया, लेकिन बचा न सका। बच्चा पानी में बह गया।
शोर मचाने पर राहुल भी पहुंचा। नाले का पानी तालाब में पहुंचता तो उसने तालाब में बेटे को तलाशना शुरू किया। इसी बीच गांव के सैकड़ों लोग भी पहुंच गए। सभी बच्चे की तलाश में गंदे नाले के पानी में उतर गए। शाम तक बारह घंटे की मशक्कत के बाद भी बच्चा नहीं मिल सका।
बचाव टीम जुटी, नहीं मिली सफलता
गांव के सैकड़ों लोग, दमकल विभाग टीम, हापुड़ से फ्लड टीम, शुक्रताल, रुड़की, बिजनौर से गोताखोर व सिंचाई विभाग से पोकलेन मशीन को मंगाया गया है। प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है। पोकलेन मशीन से नाले की गहराई तक बच्चे को तलाशा जा रहा है।