तुगलकपुर गाय अभ्यारण्य में श्री गोवर्धन गोसेवा समिति के पदाधिकारियों के साथ पूर्व मंत्री डॉ. स
मुजफ्फरनगर। पश्चिम उत्तर प्रदेश में सड़कों पर छोड़ी गईं निराश्रित गायें अब देश में नस्ल सुधार की वाहक बनेंगी। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से गाय अभयारण्य तुगलकपुर कम्हेड़ा में इन गायों की कोख में सफल टेस्ट ट्यूब भ्रूण प्रत्यारोपण किया गया। अब इन्हीं में से दो गायों ने गिर नस्ल की बछिया को जन्म दिया है। पहले चरण में 500 गायों में भ्रूण प्रत्यारोपित करने का लक्ष्य है। भविष्य में दूध उत्पादन के लिए यह पहल मील का पत्थर सबित होगी।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की ओर से बनाई गई उत्तर प्रदेश की पहली काउ सेंक्चुरी का संचालन पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के संरक्षण वाली श्री गोवर्धन गो सेवा समिति कर रही है। करीब छह हजार निराश्रित गोवंशीय पशु रखे गए हैं। अब तक 161 स्वस्थ गायों में गुजरात के आणंद से लाकर भ्रूण (एंब्रियो) प्रत्यारोपित किए गए हैं।
पिछले साल 30 जुलाई को जिन दो गायों में गिर नस्ल के सात दिन के भ्रूण प्रत्यारोपण किए गए थे, अब उन्होंने दो बछिया को जन्म दिया। समिति ने एक का नाम नंदिनी और दूसरी का पदमिनी रखा है। भविष्य में दोनों की दूध देने की क्षमता करीब 23 लीटर प्रतिदिन आंकी गई है। सेंक्चुरी पर नियुक्त डॉ. राजन बिजयाल ने बताया कि दोनों स्वस्थ हैं।
n डेयरी बोर्ड को दिए जाएंगे हीरा-मोती : पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि यहां साहीवाल नस्ल के दो जुड़वा बछड़े भी पैदा हुए हैं। इनका नाम हीरा-मोती रखा गया है।
बड़े होने पर दोनों को सीमन नस्ल सुधार में प्रयोग होगा। गाय अभयारण्य से दोनों को एनडीडीबी भेज दिया जाएगा।