पुरकाजी(मुजफ्फरनगर)। नूरनगर गांव में तितावी गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन कृष्णपाल और उसके भाई दीपचंद के परिवार के बीच पिछले सात दिन से विवाद चल रहा था। रिश्तेदारों ने एकत्र होकर फैसला कराने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। सोमवार को दोनों भाई पहले अकेले बैठकर बात कर रहे थे लेकिन नोकझोंक होने पर दोनों पक्षों के लोग आ गए और लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग शुरू होते ही खून-खराबा हो गया।
दोनों पक्षों के हिस्से में करीब 50-50 बीघा जमीन है। दीपचंद के बड़े बेटे स्वर्गीय सुनीत के नाम तीन बीघा जमीन थी, जिस पर कृष्णपाल पक्ष काबिज है। इस जमीन पर दोनों पक्ष अपना मालिकाना हक जता रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि सात दिन पहले दोनों भाइयों ने रिश्तेदार इकट्ठे किए और घर में बैठकर पंचायत की थी। समझौता नहीं हुआ तो रिश्तेदार भी वापस चले गए।
परिवार के कई कृषि यंत्र साझे के बताए गए हैं, जिनका एक-दूसरे को किराया दिए जाने की भी बात सामने आई है। कृष्णपाल और दीपचंद सोमवार को परिवार के ही तीसरे व्यक्ति के घर बैठकर बात कर रहे थे। यहीं पर कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर कृष्णपाल अपने घर की तरफ चलने लगा। जब तक वह घर के सामने पहुंचा दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई। घर के बाहर ही सीने में गोली लगने से कृष्णपाल गिर गया। सीओ सदर राजू कुमार साव का कहना है कि दूसरे पक्ष के भी पिता-पुत्र घायल हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है।