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Muzaffarnagar News: ऐतिहासिक दूधली म्हाड़ी पर आज उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

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चरथावल। दूधली गांव में आस्था की प्रतीक ऐतिहासिक गोगा म्हाड़ी पर आज सोमवार से तीन दिवसीय मेला सजेगा। उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली से करीब पांच लाख गोगा के भक्तों के आने की उम्मीद हैं। करीब चार से पांच लाख भक्त गोगा भक्त म्हाड़ी पर प्रसाद और निशान चढ़ाएंगे। राजस्थान में बागड़ की म्हाड़ी के बाद दूसरे स्थान पर गांव की पावन म्हाड़ी का मान्यता है।
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आस्था की प्रतीक म्हाड़ी पर आज सोमवार से तीन दिवसीय मेला शुरू होगा। मुख्य प्रसाद पहले दिन चढ़ाए जाने की परंपरा है। दूधली, आलमगीरपुर गांवों के अलावा आसपास गांवों में घरों में मिठाई और पकवान तैयार किए जा रहे है। हर घर में उत्सव सा माहौल है।
जाहरवीर ने स्वयं प्रकट होकर भक्त को दी थी पांच ईंटें
बुजुर्ग पूर्व उप निरीक्षक बृजपाल सिंह पुंडीर बताते हैँ कि राजस्थान के बागड़ के बाद दूधली म्हाड़ी की मान्यता के पीछे कहानी प्रचलित है। बात करीब 700 सौ साल पुरानी होगी। मान्यता है, कि दूधली के मजरे आलमगीरपुर मरूवा के किसान की मन्नत पूरी हुई। घर में जन्मे बछेरे को पैदल बागड़ (राजस्थान) लेकर गया। उसने संकल्प लिया था कि जाहरवीर को अर्पित करूंगा। आस्था के सामने संकल्प पूरा हुआ। जाहरवीर खुद प्रकट हुए। सुखद संयोग से उसने बछेरा बाबा को समर्पित कर दिया। भक्त की आस्था और श्रद्धा से लीन होकर जाहरवीर ने भक्त का प्रसाद स्वरूप गांव में माढ़ी बनाने को पांच ईंट प्रदान की थी। लेकिन वचन दिया कि रास्ते में ईंट जहां रख दोगे वहां से ईंट नहीं उठेंगी। म्हाड़ी वहीं बनानी पड़ेगी। बागड़ से वापस लौटते वक्त हुक्के की चाहत में किसान दूधली चौपाल पर बैठ गया। बाबा का वचन भूलकर थकने के कारण किसान ने ईंट इस गांव में रख दी। इसी वजह से यहां म्हाड़ी का निर्माण हुआ। हर साल भादवे के महीने में गांव में मेला सजता है। तभी भक्त के परिवार से जुड़े लोग गोगा म्हाड़ी की सेवा करते हैं और प्रसाद चढ़वाते हैं।
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हर घर में अतिथि देवो भव...का माहौल
दूधली निवासी विहिप के जिला मंत्री सोहनवीर सिंह कहते है कि दूधली में अतिथि देवो भव की भावना में गोगा हर घर में हैं। गांव की विवाहित बेटियां और दूरस्थ प्रांतों में नौकरी करने वाले मेहमानों का आगमन शुरू हो गया। म्हाड़ी की गौरव गाथा कई प्रांतों में विख्यात है। राजपूत बहुल दूधली सहित तमाम गांवों की अधिकांश रिश्तेदारी हरियाणा में होने से वहां से लोग भारी तादाद में मेले में आते है।
सुबह छह बजे खुलेंगे कपाट
ग्राम प्रधान शोभित पुंडीर ने बताया कि मेला प्रांगण में झूले और दुकानें सज गई हैं। सोमवार सुबह छह बजे म्हाड़ी के कपाट खुलेंगे। प्रमुख अतिथियों में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान एवं सरधना के पूर्व एमएलए ठाकुर संगीत सोम को शामिल होने का न्यौता दिया है। मेला प्रांगण में झूले और दुकानें सज गई हैं। मरूवा के पुजारी विजय पाल प्रसाद चढ़वाने का दायित्व निभाएंगे।
125 पुलिस कर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
चौकी प्रभारी मिलन चौधरी मेला प्रभारी रहेंगे। सीओ, थाना प्रभारी, तीन इंस्पेक्टर, 25 उप निरीक्षक, 90 महिला एवं पुरुष आरक्षी एवं पीएसी ड्यूटी रहेगी। सीओ सदर रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि इस बार मेले में चार से पांच लाख भक्ताें के पहुंचने की उम्मीद है। गत वर्ष करीब चार लाख श्रद्धालुओं का मेले में पहुंचने की जानकारी दी है। संवाद
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