मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। कैथोड़ा के पीएनबी एटीएम को लूटने वाला गैंग पंजाब से जुड़ा है। पंजाब से चुराई गई इस तकनीक का बदमाशों ने यूपी में जमकर इस्तेमाल किया। कैथोड़ा में वारदात को अंजाम देने से पहले बाकायदा एटीएम की रेकी की गई थी। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि वारदात में बैंक के किसी कर्मचारी का हाथ तो नहीं है।
गैंग के पकड़ में आने की सूचना के बाद मीरापुर इंस्पेक्टर कमल सिंह यादव ने आगरा के सदर थाने पहुंचकर गैंग के सदस्यों से पूछताछ की। यादव के मुताबिक पंजाब में पीएनबी के ज्यादा एटीएम हैं। गैंग के सदस्य मशीन काटने के एक्सपर्ट हैं। पंजाब के फिरोजपुर जलालाबाद का रहने वाला गुरमीत पुत्र संतोष सिंह उर्फ दशमेश सिंह मशीन का मास्टर है। पीएनबी में विनकोर कंपनी के एटीएम को काटना इनके लिए बाएं हाथ का खेल है। मशीन के हर पुर्जे से वाकिफ थे। गैंग का सबसे शातिर बदमाश गुरमीत 2013 में भी पटियाला के थाना समाना सदर बाजार में मशीन काटते हुए रंगेहाथ पकड़ा जा चुका है। लॉक काटकर वर्ष 2007 में उसने दिल्ली के प्रशांत विहार के एक मंदिर से भी लाखों के जेवरात उड़ाए थे। पंजाब के सिंधी समाज के लोगों का यह गैंग पंजाब में पुलिस की पकड़ के बाद यूपी में दाखिल हो गया। दिल्ली में बैठकर यह गैंग शहर दर शहर वारदातों को अंजाम दे रहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि लूट से पूर्व बदमाशों ने थाना हस्तिनापुर के गांव लतीफपुर निवासी सरदार हरजीत उर्फ जीत पुत्र गन्नू सिंह के साथ एटीएम की रेकी की थी।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार
- हरजीत उर्फ जीत पुत्र गन्नू निवासी लतीफपुर थाना हस्तिनापुर, मेरठ।
- कुलवंत सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी फतेहगंज थाना गदरपुर उधमसिंह नगर, उत्तराखंड।
-जावेद पुत्र रफत निवासी मोहल्ला बुखारा थाना कोतवाली, बिजनौर।
- आसिफ निवासी चांदपुर बिजनौर।
- जनरैल सिंह निवासी उधमसिंह नगर उत्तराखंड।
चांदपुर में किया था रकम का बंटवारा
कैथोड़ा एटीएम लूटने के बाद सभी बदमाश बिजनौर के चांदपुर पहुंचे और वहां लूट की रकम का बंटवारा किया। फरार चल रहे गुरमीत ने एक होंडासिटी कार खरीद ली थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि विवेचना के दौरान पकड़े गए बदमाशों से आगरा जाकर पूछताछ की गई तो लतीफपुर के हरजीत ने बताया कि जनरैल सिंह उसका साला है। हरजीत का अक्सर मीरापुर आना-जाना लगा रहता था। बदमाशों ने जानकारी हासिल करने के बाद नौ अक्टूबर को एटीएम लूट की योजना बनाई थी, लेकिन चौकीदार के आने के कारण प्लानिंग फेल हो गई।
मोंटी तिराहे के ढाबे पर रुके थे बदमाश
इंस्पेक्टर मीरापुर के मुताबिक नौ अक्टूबर को वारदात को अंजाम देने में विफल होने पर सभी बदमाश मोंटी तिराहे के पास एक ढाबे पर रुके और खाना खाने के बाद काफी देर आराम किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि ढाबे के मालिक से भी पूछताछ की गई है। पुलिस ने बी वारंट पर आरोपियों को आगरा से रिमांड पर लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी गैंग ने कैथोड़ा से पहले बरेली में भी इसी तरह वारदात को अंजाम दिया था।