शामली। अजमेर-हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन में उड़ीसा की युवती के साथ मारपीट के बाद चलती ट्रेन से फेंकने की वारदात में 36 घंटे बाद भी जीआरपी खाली हाथ है। अभी तक कोई ऐसा सुराग नहीं मिला है, जिससे जीआरपी आरोपी तक पहुंच सके। उधर, जीआरपी गाजियाबाद सीओ प्रीती बाला गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता के बयान लिए हैं।
उड़ीसा के नानकटिया बालासौर की युवती रीता जैन हरियाणा के रेवाड़ी में रहती है। शुक्रवार की रात वह अजमेर-हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन से हरिद्वार से लौट रही थी। शामली स्टेशन के पास छेड़छाड़ का विरोध करने पर एक युवक ने उसे मारपीट के बाद चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया था। इसके बाद आरोपी युवक भी ट्रेन से कूद गया और युवती के सिर पर पत्थर से हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना के तीन बाद भी जीआरपी को आरोपी युवक के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है। जीआरपी थाना प्रभारी बलराम कुशवाहा ने बताया कि युवती के कानों के कुंडल नहीं लूटे गए हैं। वह इस मामले में छानबीन में लगे हैं। शीघ्र ही आरोपी की गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
उधर, जीआरपी गाजियाबाद की सीओ प्रीती बाला गुप्ता ने मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में पहुंचकर पीड़िता रीता जैन के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने शामली जीआरपी थाने पहुंचकर घटनास्थल का जायजा भी लिया। सीओ ने बताया कि यह पूरा प्रकरण ब्लाइंड केस है। इस प्रकरण में सर्विलांस और आरोपी के हुलिये का शिनाख्त के लिए सहारा लिया जा रहा है।