मुजफ्फरनगर। भू-माफिया से मिलकर किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा कराने के आरोपी दो लेखपालों और भू माफिया के खिलाफ डीएम ने जांच बैठा दी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व रामकिशन शर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्य कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी एक माह में अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी।
मवाना क्षेत्र के सैफपुर फिरोजपुर के गुरमीत सिंह ग्रेवाल की जिले के जानसठ क्षेत्र के संभलहेड़ा में पैतृक जमीन है। गुरमीत का आरोप है कि लेखपाल जयभगवान, वकील राहुल गोयल कुछ भू-माफिया से मिलकर उसकी जमीन कब्जाना चाहते हैं। डीएम के आदेश के बाद भी इन लोगों ने जमीन की पैमाइश नहीं होने दी। आरोप है कि राहुल गोयल ने लाइसेंसी रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और 50 लाख की रंगदारी मांगी। इसी तरह की शिकायत लालपुर की कांति सिंह ने की है। उनका आरोप है कि लेखपाल जयभगवान और शिव कुमार के भू माफिया से संबंध हैं। आरोप है कि जमीन खरीदने के बाद भी दाखिल खारिज नहीं होेने दिया और दो लाख की मांग की। डीएम ने दोनों ही प्रकरणों की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित की है। एडीएम राजस्व रामकिशन शर्मा की अध्यक्षता में चार लोगों की एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी में एसडीएम जानसठ, तहसीलदार जानसठ और एसओ जानसठ सदस्य होंगे। कमेटी एक माह के अंदर रिपोर्ट डीएम को देगी और कार्रवाई के लिए संस्तुति करेगी।
शिकायत के मुख्य बिंदु
मुजफ्फरनगर। सराय खादर शाहपुर में एससी के लोगों को आवंटित भूमि सामान्य जाति के लोगों के नाम विरासत में दर्ज की गई है। इस मामले में निलंबित होने के बाद भी जयभगवान वहीं पर बहाल हो गए। जयभगवान और शिवकुमार गोयल के परिजनों, रिश्तेदारों के नाम अरबों की संपत्ति की जांच की मांग भी की गई है। जयभगवान जलालपुर नीला में रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुए जेल गए। उनको निलंबित भी किया गया था।
जांच समिति ने काम शुरू किया
मुजफ्फरनगर। एडीएम रामकिशन शर्मा ने बताया जांच के आदेश होते ही कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया। एक माह की अवधि में जांच पूरी कर ली जाएगी।
टीम को बताएंगे असलियत
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष जयभगवान का कहना है कि आरोप निराधार है। गुरमीत सिंह ने 50 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है। उसके नाम कोई जमीन नहीं है। विरासत में जो जमीन उन्हें मिली थी, उसे वह बेच चुके हैं। कांति सिंह ने रिहायशी जमीन का बैनामा कराया था, जिसकी रिपोर्ट लगा दी गई थी। जांच टीम को वह असलियत बताएंगे।