फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सच बनकर सामने आया मुजफ्फरनगर का खौफ

Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
Muzaffar nagar
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। हाईवे पर हादसे के बाद अपनी ही कार में बंधक बने दिल्ली के कारोबारी राजेश वर्मा का परिवार घंटों तक सदमे में रहा। कारोबारी की पत्नी अंजना वर्मा ने बताया कि वे सांप्रदायिक हिंसा के बाद से मुजफ्फरनगर के नाम से ही दहशत में आ जाते थे। इसके चलते देहरादून जाने के लिए वे हमेशा सोनीपत मार्ग का इस्तेमाल करते थे। शुक्रवार को भी उन्हें दीपावली की छुट्टियों के चलते अपने बेटे को देहरादून के हॉस्टल से लेने जाना था। चालक मन्नू यादव ने वाया मुजफ्फरनगर चलने की बात कही तो वे इस बार तैयार हो गए। हाईवे पर साइकिल सवार का एक्सीडेंट होने के बाद कारोबारी के परिवार के साथ जो हुआ, उसने मुजफ्फरनगर से जुड़े उनके खौफ को और भी पुख्ता कर दिया है। भयभीत परिजनों ने साफ कहा कि आगे से कभी भी वे मुजफ्फरनगर आना तो दूर यहां के साये से भी बचकर रहेंगे।
विज्ञापन


सुरक्षित निकालने के लिए मांगे ढाई लाख
मुजफ्फरनगर। पीड़ित परिवार ने बताया कि हादसे के बाद स्विफ्ट सवार युवकों ने उन्हें साइकिल सवार की मौत होने की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने उन्हें सुरक्षित जिले की सीमा से निकालने के लिए ढाई लाख रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर उन्हें पुलिस के हवाले कर देने की धमकियां दी र्गइं। आखिर में कार सवार 20 हजार रुपये तक आ गए, लेकिन बाद में मामला खुलने पर उन्हें छोड़कर फरार हो गए।

बेगराजपुर मेडिकल में भर्ती है साइकिल सवार
मुजफ्फरनगर। एसओ मंसूरपुर योगेश शर्मा ने बताया कि कारोबारी की कार की टक्कर से घायल हुए नयागांव निवासी दलित की हालत गंभीर बनी हुई है। हालांकि देर शाम तक उसके परिजनों ने घटना की तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन


पिता की मौत के बाद मिला था गनर
मुजफ्फरनगर। कारोबारी को परिवार समेत ढाई घंटे तक उन्हीं की कार में बंधक बनाकर घुमाने वाले चलसीना निवासी इरफान के पिता चांदखां उर्फ चांदू की 30 जून को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। मामले में चलसीना के प्रभावशाली लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीड़ित इरफान द्वारा जान का खतरा जताने पर उसे गनर उपलब्ध कराया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें