रतनपुरी/खतौली। पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करने वाली युवती की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। फुलत से लेकर ककरौली तक उसकी छानबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। फुलत से हिरासत में लिए गए एक मौलवी को पुलिस ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया। पुलिस युवती की तहकीकात में जुटी है, उसका मोबाइल अभी भी बंद है। बंद होने से पहले फोन की लोकेशन फुलत गांव में मिली है।
बुधवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर एक युवती ने खुद को फुलत के एक मदरसे में बंधक बताते हुए रिहा कराए जाने की गुहार लगाई थी। युवती ने खुद को ककरौली थाने के गांव खेड़ी फिरोजाबाद निवासी नागेंद्र की बेटी बताते हुए जबरन मदरसे में रखे जाने की सूचना दी थी। पहले से खरखौदा प्रकरण की तपिश में झुलस रही पुलिस को इस नए मामले ने हिला दिया। आनन-फानन में पुलिस ने बताए गए पते पर पहुंचकर जांच की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पीड़िता का मोबाइल भी स्विच ऑफ आने के कारण उससे संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस ने शक के आधार पर मदरसे के मौलवी जबीउर्रहमान का मोबाइल चेक किया तो उसमें युवती के मोबाइल नंबर से जुड़े एसएमएस पाए गए। इसके चलते पुलिस मौलवी जबीउर्रहमान को थाने ले गई, जहां एसपी देहात आलोक प्रियदर्शी और सीओ बुढ़ाना एसपी शर्मा ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की। देर रात मौलवी को छोड़ दिया गया। गुरुवार को पुलिस युवती के बताए पते पर गांव खेड़ी फिरोजाबाद पहुंची, लेकिन वहां से भी पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा। एसएसपी एचएन सिंह ने बताया कि युवती के मोबाइल की अंतिम लोकेशन गांव फुलत में पाई गई है। मौलवी से पूछताछ में पता चला है कि उक्त युवती करीब दो माह से केवल मोबाइल के जरिए उनके संपर्क में थी। इस अवधि में दोनों के बीच केवल एसएमएस से ही संपर्क होता रहा। मामले की छानबीन की जा रही है और जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा कर दिया जाएगा।
गहनता से जांच करे पुलिस
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फुलत गांव के एक मदरसे के उप प्रबंधक हाफिज इदरीश का कहना है कि कथित बंधक युवती और खरखौदा प्रकरण का उनके मदरसे से किसी तरह का ताल्लुक नहीं है। पुलिस प्रशासन को मामले की गहनता से जांच करनी चाहिए, अगर कोई दोषी पाया जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के किसी को बदनाम करना उचित नहीं है।
अब्दुल्ला नहीं जबी से हुई पूछताछ
खतौली। फुलत गांव से पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए युवक के नाम को लेकर भी गफलत की स्थिति रही। पुलिस को पहले युवक का नाम अब्दुल्ला पता चला था, लेकिन पूछताछ के बाद स्पष्ट हुआ कि हिरासत में लिए गए युवक का नाम जबीउर्रहमान है, वह गांव के एक मदरसे में पढ़ाता है। पुलिस ने उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
मौलवी को थाने ले जाने पर आक्रोश
खतौली। बुधवार देर रात फुलत मदरसे के मौलवी जबीउर्रहमान को रतनपुरी पुलिस द्वारा थाने ले जाए जाने पर लोगों में आक्रोश है। हाजी सरवर, डॉ. मंसूर अल हक, काजी जमील अहमद, काजी नईम, हाजी वसीम, सभासद कारी जियाउर्रहमान, हाजी यूसुफ, ग्राम प्रधान अनवर अंसारी और हाफिज इदरीश ने इस संबंध में एसपी देहात से मिलकर नाराजगी जताई।