मुजफ्फरनगर, 13 अक्टूबर।
नौशाबा मस्जिद की इमामात की तकरार अभी सुलझी नहीं है। अंजुमन तरक्की-ए-तालीम ने प्रकरण में इराक से फतवा लेने की तैयारी कर ली है। प्रकरण से शिया समुदाय में तनाव है।
शिया समुदाय की नौशाबा मस्जिद की इमामात को लेकर दो पक्ष हो गए हैं। एक पक्ष मौलाना असद रजा को इमाम मान रहा है, जबकि अंजुमन तरक्की-ए-तालीम सादात बाहरा ने इमाम के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। बाहरा के सचिव नईम हैदर ने बताया कि मौलाना नमाज पढ़ाने का अधिकार खो चुके हैं। शुक्रवार को कमेटी ने इसलिए विरोध नहीं किया, क्योंकि झगड़े की आशंका बन गई थी। लखनऊ और दिल्ली के उलेमाओं ने भी शांति से काम लेने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि कमेटी असद रजा के विदेशी दौरों की जांच करा रही है। यही नहीं इराक और ईरान से फतवा लाने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को जो नमाज पढ़ाई गई थी, वह भी गैर शरई तरीके से पढ़ाई गई थी। गौरतलब है कि यह मामला मौलाना असद रजा के फेसबुक प्रकरण के बाद चर्चा में आया है।