मुजफ्फरनगर। पुरकाजी नगर पंचायत द्वारा कस्बे में लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे एक बार फिर बड़ी वारदात के खुलासे में पुलिस के मददगार रहे। पुुरकाजी बाईपास पर जिस जगह कामांध ने बच्ची के साथ घटना को अंजाम दिया, वहां से करीब 50 मीटर की दूरी पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। इसके साथ ही घटनास्थल के दो अन्य तरफ भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें आरोपी कैद हुआ।
फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस के लिए उसे दबोचना महज औपचारिकता रह गया था, जिसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले भी नगर पंचायत के सीसीटीवी कैमरे कई घटनाओं में पुलिस को राहत प्रदान कर चुके हैं। इनमें करीब चार माह पूर्व एक लाल रंग की तेज रफ्तार कार द्वारा सड़क पार करती बच्ची को कुचलने की वारदात पुलिस के जी का जंजाल बन गई थी। उक्त घटना में लोगों ने शक के आधार पर लाल रंग की एक अन्य कार को पकड़कर हंगामा किया था, लेकिन फुटेज में साफ हो गया था कि हादसे को लाल रंग की दूसरी कार ने अंजाम दिया था। इसके अलावा, बकरा चोरी की एक वारदात में भी सीसीटीवी कैमरों ने पुलिस की मदद की थी, जिसमें फोटो वायरल होने के बाद आरोपियों ने चोरी के बकरे वापस भिजवा दिए थे। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने जनपद की नगर पंचायतों के साथ ही नगर पालिकाओं को भी पुरकाजी की तरफ अपने यहां सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आह्वान किया है, ताकि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लग सके।
थाना पुलिस की लापरवाही भी आई सामने
23 अक्तूबर को मासूम छात्रा से हुई हैवानियत के मामले में थाना पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। दरअसल, घटना के बाद अफसरों ने खुद नगर पंचायत में पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी, लेकिन लीपापोती कर लौट गए थे। बाद में नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी ने अगले दिन फिर से फुटेज खंगाली तो उसमें आरोपी कैद मिला। इसके बाद चेयरमैन की पहल पर ही आरोपी की पहचान उत्तराखंड के लिब्बरहेड़ी निवासी फैजू उर्फ फैजान के रूप में हुई। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि यदि सीसीटीवी की फुटेज को दोबारा न खंगाला गया होता तो वारदात का खुलासा करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर हो सकता था।
आरोपी ने लगाई माफ कर देने की गुहार
आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग थाने जा पहुंचे। गुस्साए लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की, जिसके चलते पुलिस को उसे कड़ी सुरक्षा में रखना पड़ा। उधर, जब नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारुकी, भाजपा नेता भारत भूषण खुल्लर व डॉ ओपी गौतम आदि नेताओं ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने उनके सामने गिड़गिड़ाते हुए माफ कर देने की गुहार लगाई।