मुजफ्फरनगर। मकान के बाहर या छज्जे पर स्ट्रीट लाइट लगाकर खंभों से लाइन जोड़ने पर जुर्माना लगेगा। विद्युत निगम ने भवनों के बाहर लगी स्ट्रीट लाइट को अवैध माना है। इस पर कार्रवाई के लिए पालिका प्रशासन को चेताया गया है। विद्युत निगम की चेतावनी के बाद पालिका ने इस स्ट्रीट लाइटों की जांच शुुरू कर दी है। शहरभर में इस भवनों के बाहर लगी लाइटों का सर्वे किया जा रहा है।
शहर में इस बार 50 वार्ड बने हैं। जिनमें हजारों की तादात में विद्युत पोल लगाए गए हैं। अधिकांश बस्तियों, मोहल्लों में लोगों ने मकान के बाहर लोहे की रॉड लगाकर उसपर स्ट्रीट लाइट रखी हुई है। जिसका कनेक्शन विद्युत निगम के पोल से किया गया है। सरकारी खर्च पर भवन पर स्ट्रीट जलाई जा रही है। एक-एक वार्ड में इस तरह से दर्जनों लाइट लगी है। इन लाइटों का विद्युत लोड निगम को खर्च करना पड़ता है। जबकि खंभों पर अलग से लाइट लगी हुई हैं। अब विद्युत निगम ने शहरभर में टंगी इस तरह की स्ट्रीट लाइट, जो भवनों, छज्जों पर लगी हैं। उन्हें पूरी तरह से अवैध माना है। मकानों, छज्जों पर लगी लाइटों को उतारने तथा जुर्माना वसूलने के लिए पालिका को कहा गया है।
विद्युत निगम का पत्र आने के बाद पालिका ने भी हरकत शुरू कर दी है। नगरपालिका प्रशासन सभी वार्ड में इस तरह से लगी लाइटों का सर्वे करा रहा है, ताकि उन्हें उतारा जा सके या नागरिकों से जुर्माना वसूला जा सके। अधिशासी अधिकारी विकास सैन ने बताया कि भवनों, छज्जों के साथ लगी स्ट्रीट लाइट विद्युत निगम ने अवैध माना है। इन पर कार्रवाई के लिए चेताया गया है। सार्वजनिक रुप से नोटिस लगाए गए हैं, ताकि नागरिक, वार्डवासी इस तरह से लाइट का प्रयोग नहीं कर सके। जो लाइट लगीं है, उन्हें उतारकर पालिका में जमा किया जाएगा।