जनपद में दौड़ रहे 85,771 कबाड़ श्रेणी के वाहन
मुजफ्फरनगर। जिले में सड़कों पर वर्तमान समय में ऐसे वाहन भी दौड़ रहे हैं, जो केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कबाड़ वाहनों की नीति के तहत आते हैं। इनमें 15,853 डीजल वाहनों के साथ ही 69,625 पेट्रोल चालित वाहन भी शामिल हैं। ऐसे में केंद्र की कबाड़ वाहन नीति लागू होने पर स्वामियों को अपने वाहनों को सड़कों से हटाना पड़ेगा। इन वाहनों में 37 एंबुलेंस भी शामिल हैं।
केंद्र सरकार के प्रस्तावित नियमों को आधार मान लिया जाए तो जिले में कुल 85,771 वाहन कबाड़ होने की स्थिति में है। इनमें हर प्रकार के वाहन शामिल हैं। एआरटीओ विभाग में पंजीकृत आंकड़ों के मुताबिक जिले में दस साल की समय सीमा के डीजल चालित वाहनों की कुल संख्या 15,853 है। इनमें आठ एंबुलेंस, 286 बस, एक स्कूल बस, 2,834 गुड्स कैरियर (ट्रक), पांच मिनी कैब, 167 मोटर कैब, छह वैन, 35 थ्री व्हीलर गुड्स कैरियर, 326 थ्री व्हीलर पैसेंजर, 29 कामर्शियल ट्रैक्टर, 11,335 एग्रीकल्चर ट्रैक्टर, दो कृषि इक्वूपमेंट, 75 मोटरसाइकिल, तीन मोपेड, 628 कारें, एक थ्री व्हीलर पर्सनल, दो बड़े ट्रक और 110 खेती के ट्रेलर शामिल हैं। वहीं, इस नीति के तहत 15 साल समय सीमा वाले पेट्रोल चालित वाहनों की बात करें तो जिले में इनकी कुल संख्या 69,596 है। इनमें 29 एंबुलेंस, 25 खेती के ट्रैक्टर, 61,571 बाइक व स्कूटर्स, आठ दिव्यांग टू-व्हीलर, 3,936 मोपेड़, 4,055 कारें और एक थ्री-व्हीलर शामिल है। वहीं, इस श्रेणी में शामिल सीएनजी चालित 33 कार, 259 एलपीजी कार और एक एलपीजी थ्री-व्हीलर भी शामिल हैं।
जिले में फर्राटा भर रहीं 37 कबाड़ एंबुलेंस
मुजफ्फरनगर। एआरटीओ के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार की प्रस्तावित कबाड़ वाहन नीति की जद में 37 जीवनरक्षक एंबुलेंस भी शामिल हैं। इनमें 29 एंबुलेंस पेट्रोल चालित और आठ डीजल चालित हैं। फिलहाल ये सभी एंबुलेंस फिटनेस मानकों को पूरा करते हुए सड़कों पर फर्राटा भर रहीं हैं, लेकिन कबाड़ वाहन नीति लागू होते ही इन सभी का सड़कों से हटना तय है।
एआरटीओ विनीत मिश्रा का कहना है कि जनपद में इस समय बड़ी संख्या में समयसीमा पूरी कर चुके वाहन दौड़ रहे हैं, जो फिटनेस मानक पूरे करने के बाद चल रहे हैं। केंद्र सरकार के निर्देश मिलने के बाद ही इन्हें योजनाबद्ध तरीके से सड़क से हटाने की योजना तैयार की जाएगी।