दीन दुखियों की सेवा करने वाला ही सत पुरुष
मोरना। श्री परमहंस सन्यास आश्रम शुकतीर्थ में ब्रह्मलीन स्वामी परमहंस स्वामी अदैत्वनंद महाराज की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि स्वामी भजनानंद महाराज ने कहा कि सत पुरुष वही है, जो गरीब दीन दुखियों की सेवा करें। स्वामी अदैत्वनंद महाराज ने भारत देश की आजादी की लड़ाई के साथ-साथ योग की शिक्षा से स्वाभिमान और देश सेवा करने के लिए देशवासियों को जागरुक करने का अलौकिक कार्य किया था। हमें इनके देश प्रेम और समाज सेवा से सीख लेनी चाहिए।
आश्रम में कार्यक्रम का शुभारंभ हवन यज्ञ में वैदिक मंत्रोचारण के बीच आहुति देकर किया गया। कार्यक्रम में आश्रम अधिष्ठता स्वामी सच्चानंद महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति अपने हितों को त्याग कर नि:स्वार्थ भाव से अपने जीवन को मानव सेवा को समर्पित करता है, वही गुरु कहलाने योग्य है। हमारे पूज्य गुरु स्वामी अदैत्वनंद महाराज ने अपनी आखिरी सांस तक निभाया है। कार्यक्रम में स्वामी योगेशानंद महाराज, स्वामी धमेंद्रनंद महाराज, स्वामी कंवरनंद महाराज आदि ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान आयोजित भंडारे का प्रसाद साधु संतों को खिलाकर नकद दक्षिणा भी दी गई। कार्यक्रम के आयोजन में सुरेंद्र कुमार, अमित वर्मा फरीदाबाद ने मुख्य भूमिका निभाई। वहीं डा. संजय कुमार, देवेंद्र, वीरपाल सिंह आदि व्यवस्था बनाने में लगे रहे।