किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने और गेहूं की फसल जलमग्न
रतनपुरी/खतौली। गांव सठेड़ी में माइनर की पटरी टूटने से दो गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ने तथा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। फसलों के पानी में डूबने से किसान चिंतित हो गए हैं।
रविवार की देर रात गांव सठेड़ी माइनर की पटरी क्षतिग्रस्त होकर टूट गई। रजबहे के पानी से सठेड़ी और बड़सू गांव के किसानों की फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा किसानों की गेहूं की खड़ी फसल ज्यादा पानी भरने के कारण बर्बाद हो गई। सठेड़ी माइनर की पटरी टूटने का यह सिलसिला पिछले कई वर्षो से लगातार जारी है। इससे पूर्व भी कई बार सठेड़ी माइनर की पटरी टूटने के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सिंचाई विभाग द्वारा बार बार पटरी को दुरुस्त करने के बावजूद भी पटरी फिर से टूट जाती है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग अपने कार्य को बखूबी अंजाम नहीं दे पा रहा है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग अभी तक भी इसका कोई स्थायी हल नहीं निकाल सका है। माइनर की पटरी टूटने से गांव बड़सू निवासी विजयपाल सैनी, मांगेराम, रोहिताश सिंह, कांशीराम, कुंवरपाल सैनी, राजकुमार सैनी, रणपाल सिंह, महावीर सिंह, ऋषिपाल, किरण सिंह आदि किसानों की फसल बर्बाद हुई है। जबकि सठेड़ी निवासी किसान ऋषिपाल, समय सिंह, धर्म सिंह, महक सिंह, राधेलाल, बाबुराम, बालकिशन, शोभाराम, कबूल सिंह, भवानी, देवी सिंह, रामपाल आदि किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगाई है।