आत्महत्या के लिए मजबूर के आरोप में दो अभियुक्तों को छह वर्ष का कारावास
देवबंद (सहारनपुर)। आत्महत्या के लिए उकसाने के चार साल पुराने मामले में सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि 17 जून 2015 की रात्रि में नागल थाना क्षेत्र के पनियाली गांव निवासी नेत्रपाल ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। नेत्रपाल की पत्नी कमलेश ने नागल थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि आरोपी जगतार और मांगेराम ने जमीन की रंजिश के चलते उसके पति के खेत पर लगे नलकूप की बिजली की लाइन उखाड़ दी थी। आरोपी तीन-चार महीने से बिजली की लाइन जुड़ने नहीं दे रहे थे। इससे नेत्रपाल की फसल सुख गई थी। इससे परेशान होकर पति नेत्रपाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने कमलेश की तहरीर पर धारा 306 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया था। अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन ने अभियुक्त जगतार और मांगेराम को दोषी मानते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की सूरत में अभियुक्तों को छह मास का अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा। अर्थदंड की आधी धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़ित पक्ष को प्रदान करने को कहा गया है।