गुर्जर और दलितों के बीच नहीं बात
खतौली। कोतवाली में गुर्जर समाज और दलितों की बैठक बुलाई गई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता विफल रही। बैठक में दलित समाज की ओर से नामजद हमलावरों की ओर से जिम्मेदार लोगों के नहीं आने पर सीओ ने नाराजगी जताई। समझौता वार्ता विफल होने पर सीओ ने पुलिस को नामजद हमलावर दलित समाज के लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के निर्देश दिए हैं।
28 अगस्त को बस में सवार गांव अंतवाड़ा के छात्रों पर गांव लाडपुर के दलितों ने हमला कर कई छात्रों को घायल कर दिया था। छात्रों के परिजनों की ओर से दलित समाज के 14 लोगों को नामजद करते हुए करीब 30 अज्ञात लोगों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाकी नामजद हमलावर घटना के दिन से ही गांव से फरार चल रहे हैं। पुलिस कई बार आरोपियों के घर दबिश भी दे चुकी है, लेकिन आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं। सोमवार को सीओ डा. राजीव कुमार सिंह ने थाने में गुर्जर समाज और दलित समाज के लोगों के बीच समझौता कराने को बैठक बुलाई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं हो सका। इसलिए सीओ ने बैठक के बाद नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के पुलिस को निर्देश दिए।
आठ सितंबर को होगी बैठक
खतौली। गांव अंतवाड़ा में रविवार को छात्रों पर हमला करने वाले नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर गुर्जर समाज की पंचायत हुई थी, जिसमें अधिकांश गांव से गुर्जर समाज के लोग नहीं पहुंचे थे। गांव के गुर्जर समाज के प्रधान के पति जितेंद्र उर्फ पटवारी, पूर्व प्रधान रकम सिंह, बीडीसी सदस्य दिग्विजय सिंह, सुरेश, रणबीर, सुधीश, अंतराम, ब्रहमपाल, महिपाल, राजदेव और नरेंद्र आदि का कहना है कि जिन्होंने भी पंचायत की है। उनको पहले गांव के जिम्मेदार लोगों से सलाह मशविरा करना चाहिए था। पुलिस अपनी तरफ से हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सही तरीके से कर रही है। पता चला है कि कुछ गुर्जर समाज के लोग अब 10 सितंबर को पंचायत करेंगे। वे इस पंचायत का विरोध करते हैं। अगर पंचायत हुई तो, उसमें शामिल होने वाले नेताओं का भी बहिष्कार किया जाएगा तथा आगामी चुनावों ने इन नेताओं को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में गांव के लोगों ने आठ सितंबर को बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।