खतौली। गीता भवन में आयोजित श्रीराम कथा में कथाव्यास साध्वी दीपिका भारती ने कथा के पांचवें दिन अहिल्या उद्धार, प्रभु श्रीराम और मां जानकी के विवाह के पीछे छिपे अद्भुत रहस्यों को उजागर किया। इस दौरान विवाह के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु झूम उठे।
साध्वी ने कहा कि प्रभु राम और मां जानकी का मिलन मिथिला के उपवन में जानकी की एक सखी द्वारा हुआ। तुलसीदास इस प्रसंग के माध्यम से मानव जाति को यह संदेश दे रहे हैं कि राम रूपी परमात्मा से जानकी रुपी आत्मा का मिलन तभी संभव है, जब जीवन में सुखी रूपी गुरु का आगमन हो जाए। आत्मा और परमात्मा के मिलन का मात्र गुरु ही एक माध्यम है। जब तक जीवन में एक ब्रह्मिनष्ट गुरु की शरण प्राप्त नहीं होती, तब तक मनुष्य को ईश्वर की प्राप्ति भी नहीं हो सकती। श्री आशुतोष महाराज विश्वभर में असंख्य लोगों को ब्रह्मज्ञान द्वारा ईश्वर का साक्षात्कार करवा रहे हैं। मनोज अग्रवाल, ललित अग्रवाल, दीपक गर्ग, मुकेश अग्रवाल, पंकज भटनागर, कुलदीप शर्मा, मोहनलाल गोयल, सतीश, सुधीर गोयल, बिट्टू शर्मा, भावेश गुप्ता, मुकेश तायल आदि का विशेष सहयोग रहा।