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जौली गांव में शत्रु संपति पर प्रशासन की कार्रवाई

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जौली गांव में शत्रु संपत्ति पर प्रशासन की कार्रवाई
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भोपा।
ग्राम जौली में पहुंची प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सैकड़ों बीघा जोत भूमि और आबादी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए लाल झंडियां लगाकर शत्रु संपत्ति को चिह्नित कर लिया है। प्रशासन की कार्रवाई से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, कुछ व्यक्तियों ने मामले को उच्च न्यायालय में विचाराधीन बताया है।
थाना भोपा क्षेत्र के ग्राम जौली में स्थित सैकड़ों बीघा जमीन की शत्रु संपत्ति पर कार्रवाई का मामला वर्षों से चर्चाओं में रहा है। रविवार दोपहर जानसठ तहसील की टीम प्रशासनिक अमले के साथ ग्राम जौली पहुंची। जानसठ तहसीलदार मनोज कुमार ने शत्रु संपत्ति को चिह्नित कर खेतों, आबादी क्षेत्र में लाल झंडी और शत्रु संपत्ति के बोर्ड लगाए। मौके पर मौजूद एसडीएम जानसठ श्याम अवध चौहान ने बताया कि डीएम के आदेश पर ग्राम जौली की लगभग सात हेक्टेयर (लगभग 110 बीघा) भूमि को शत्रु संपत्ति के रूप में चिह्नित किया गया है। इस भूमि को प्रशासन ने कब्जामुक्त कराते हुए झंडियां लगा दी हैं। आबादी वाली सरकारी भूमि पर जेसीबी चलाकर कब्जामुक्त कराया जाएगा। सीओ भोपा मोहम्मद रिजवान ने बताया कि शांतिभंग करने वालों के खिलाफ पुलिस मुकदमा कायम कर कानूनी कार्रवाई करेगी। इस दौरान खसरा नं. 1087, 1088, 1089, 1108, 1170, 1410, 1415, 1419, 1154, 1155, 1161 आदि पर झंडी लगाई गईं। वहीं, 35 बीघा भूमि में खेती कर रहे सुल्तान हैदर, शवाब हैदर ने बताया कि उन्होंने 1986 में इस 35 बीघा जमीन का बैनामा किया था। उसके पहले इस भूमि को कस्टोडियन विभाग से नीलामी के तहत खरीदा था। मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। शाम तक प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा रहा। वहीं, आबादी वाले क्षेत्र में प्रशासन द्वारा जेसीबी चलवाने की चेतावनी से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। इस मौके पर कानूनगो पहलसिंह, शमशाद अली, लेखपाल मुकेश कुमार, रामनारायण, ऐनुल हसन, जौली चौकी प्रभारी चंद्रसेन सैनी आदि मौजूद रहे।
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उर्स का समापन
(फोटो समाचार)
भोपा। सीकरी शरीफ में आयोजित पांच दिवसीय 29वें उर्स लतीफी का समापन धार्मिक रस्म कुल शरीफ के उपरांत हुआ। उर्स के अंतिम दिन आयोजित सदरूल अफाजिल नामक सेमिनार में विदेशी धर्मगुरुओं ने भाग लिया।
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सीकरी शरीफ में आयोजित सेमिनार में दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहांसबर्ग से आए हजरत मौलाना रफीक, वारिस व मुफ्ती आसिफ रजा बरकाती ने कहा कि विश्व में शांति स्थापना व समाज को नया आयाम देने के लिए अंतिम पैगंबर को संसार में भेजा गया। पैगंबर मोहम्मद साहब ने जख्म खाकर भी शांति स्थापना के प्रयास जारी रखे। इस दौरान रात्रि में कव्वालियों का आयोजन भी हुआ। लाखों अकीदतमंदों ने दुआ की। हजरत मौलाना गुलाम मुस्तफा नईमी, हजरत मौलाना, जुल्फिकार काशीपुर, हजरत मौलाना गुलाम नबी नूरी कलियर शरीफ, हजरत मौलाना इनामुदीन, इनामुदीन नईमी, हजरत मौलाना, निजामुद्दीन नईमी ने भी तकरीर कर शांति अमन का पैगाम दिया। मौलाना हिफ्जुर्रहमान, मौलाना हबीबुर्रहमान, हजरत अली हसनैन, नूरूल हसनैन, उमर लतीफी, आदिल हबीब मौजूद रहे।
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