फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैदी की पेंटिंग बदलेगी बंदियों की जहनियत

विज्ञापन
विज्ञापन
कैदी की पेंटिंग बदलेगी बंदियों की जहनियत
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर।
जेल की कोठरी में कैद जिंदगी अब नए सिरे से जीवन शुरू करने के गुर सीखेगी। जिला कारागार में सजायाफ्ता सादिक की कला बंदियों का समाज, इंसान समेत अपराध के प्रति जहनियत में बदलाव लाएगी। कारागार की दीवारों पर आर्ट गैलरी तैयार की जा रही है, जिसके जरिये प्रेरक जीवन का संदेश दिया जाएगा। यह नया प्रयास बंदियों की जहनियत में तब्दीली लाने के लिए है, ताकि उनके भीतर से अपराध की काली स्याही को मिटाया जा सके।
जुबां पर जेल नाम आते ही अजीबोगरीब वाकिये जहन में घूमने लगते हैं। गुनहगारों को अपने वश में रखने वाली जेल अब जीवन के नए रंग भी लिखेगी। अक्सर देखने में आता है कि अपराधी जेल से निकलने के बाद फिर से अपराधों में लिप्त हो जाता हैं। बंदियों के जहन से अपराध को मिटाने के लिए जिला कारागार में कला मुहिम छेड़ी गई है। शहर के किदवाईनगर निवासी सादिक को पत्नी से विवाद और दहेज एक्ट, हत्या के प्रयास में दस साल की सजा हुई है।
विज्ञापन

जेल अधीक्षक अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि सादिक का व्यवहार और जेल में रहने का तरीका अन्य से भिन्न है। अपने आप में गुमशुम रहने वाले सादिक के भीतर अलग किस्म का टेलेंट है। उसका टेलेंट अब अन्य बंदियों के लिए भी प्रेरक बनेगा। जेल प्रशासन सादिक से जेल के भीतर की दीवारों पर आर्ट गैलरी तैयार करा रहा है। इस आर्ट गैलरी में बंदियों के लिए ऐसे चित्रों का निर्माण कराया जा रहा है, जिन्हें देखकर उनकी जहनियत बदल सके। बंदियों के भीतर अपराध के बजाए सामाजिक, रिश्ते-नातों और आपसी सद्भाव के साथ उनकी मानसिक सोच में परिवर्तन हो सके। फिलहाल जेल की दीवारों पर वॉलपुट्टी कराई जा रही है। ऐसा प्रयोग करने में मुजफ्फरनगर की जेल वेस्ट यूपी में पहली जेल होगी।

पेटिंग से नशा, नारी हिंसा पर होगा वार
मुजफ्फरनगर। समाज में बढ़ती नारी हिंसा और नशा, रिश्तों की मर्यादा के कत्ल के साथ तमाम तरह के अपराध देखने को मिलते हैं। इन्हीं अपराधों में लिप्त लोग जिला कारागार के भीतर बंद हैं। 10 मीटर लंबी आर्ट गैलरी में नशामुक्ति, नारी हिंसा को रोकने, समाज उत्थान, उन्नति के कार्य करने वाली पेंटिंग बनाई जाएगी। ताकि जेल के बंदियों में समाज के लिए प्रेरणा जगाई जा सके।
विज्ञापन


पर्यावरण बचाने का मिलेगा संदेश
मुजफ्फरनगर। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि आर्ट गैलरी में बंदियों को पर्यावरण बचाने, पेड़-पौधे लगाने और शिक्षा का भी संदेश मिलेगा। इसके लिए सादिक ने रफ कार्य शुरू करने के बाद वॉल पेंटिंग पर काम शुरू कर दिया है। हालांकि एक चित्र बना है, जो अभी अधूरा है। जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। जिला कारागार की क्षमता 870 बंदी रखने की है, लेकिन यहां पर 2700 से अधिक बंदी रखे गए हैं। जिनमें महिला-पुरुष दोनों शामिल हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें