हादसे के मृतकों में एक की नहीं हो पाई पहचान
मुजफ्फरनगर। खतौली में उत्कल रेल हादसे के 22 मृतकों में से एक शव की पहचान नहीं हो पाई है। शव का चेहरा एक्सीडेंट के बाद क्षतविक्षत हो गया है। शव को सुरक्षित मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के फ्रीजर में रखा गया है। शव के साथ एक फोटो भी लगाया गया है, जिससे परिजन आसानी से पहचान कर सकें। वहीं 21वें शव की पहचान राजस्थान के धौलपुर निवासी गोपालदास के रूप में हुई है।
कलिंग उत्कल एक्सप्रेस रेल हादसे में मृतक 22 लोगों में से 21 के शवों की पहचान हो गई है। 21वें शव की पहचान गोपाल दास पुत्र करम सिंह, गांव सहजपुर जिला धौलपुर राजस्थान के रूप में हुई है। उसके भाई रामनिवास ने शव को पहचाना। तहसीलदार रणजीत सिंह ने बताया कि प्रशासन ने शव को रामनिवास के सुपुर्द कर दिया है। अब केवल एक शव शेष बचा है। इस शव का पोस्टमार्टम करने के बाद डीएनए रिपोर्ट सुरक्षित रख ली गई। शव को बचाए रखा जा सके, इसलिए उसे मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के फ्रीजर में रखा गया है। सोमवार को शव को तहसीलदार रणजीत सिंह की देखरेख में फ्रीजर में पहुंचा दिया गया। डेडबॉडी के साथ उसका एक फोटो भी रखा गया है, जिससे परिजन शव को बाहर निकाले बिना भी पहचान कर सके। शव का सिर का हिस्सा काफी डैमेज है और काला पड़ा हुआ है। अन्य सभी शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जा चुके हैं।