फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्म के बिना नर जीवन की सार्थकता नहीं: ज्ञान सागर

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा कि धर्म के बिना नर जीवन की सार्थकता नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधर्म, पाप कार्यों से दूर रहना चाहिए।
विज्ञापन

श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में श्रद्धालुओं से ज्ञानसागर महाराज ने कहा कि हमें धार्मिक कार्यों के लिए अपना समय निकालना चाहिए। धर्म ऐसा कोई चलचित्र नहीं जिसे दिखाया जा सके। धर्म ऐसा कोई खाने का पदार्थ नहीं जिसे परोसा जा सके। धर्म कोई लगाने की चीज भी नहीं है। धर्म तो प्रति समय धारण करने की चीज है। धार्मिक क्रियाएं करने का एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि मेरी कषाय कम हो, मेरे कदम पाप कार्यों की ओर न बढे़ं। मेरे कदम व्यसनों की ओर न बढ़ें, तभी धार्मिक क्रियाएं करना सार्थक है। गृहस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन प्रात: काल में छह कार्य करने चाहिए। दीन दुखी जीवों पर दया करें। पैसों से सहायता नहीं कर सकते तो मीठे बोल तो बोल सकते हैं। इससे पहले अनीता दीदी ने कहा कि वर्षा योग में संत की वाणी सुनने का अवसर मिल रहा है। यह हम सबका सौभाग्य है। प्रबंधक कमेटी के महामंत्री राजकुमार जैन ने बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों लोग महाराज श्री के प्रवचन सुनने और भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन करने आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें