सत्संगति से ही जीवन बनता है महान
मुजफ्फरनगर। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि जीवन में जिस दिन हम बाहर की यात्रा अंतर्यात्रा की ओर प्रस्थान कर देते हैं जीवन धन्य हो जाता है।
उन्होंने कहा कि अनंतकाल से प्राणी बाह्य यात्रा कर रहा है। कभी कहीं जाता है, कभी कहीं जाता है, पर अंतर्यात्रा आज तक नहीं की। प्रभु श्री पार्श्वनाथ जी ने अपने जीवन में अंतर्यात्रा की, आज वह उस अवस्था को प्राप्त हो गए जहां से पुन: वह अब यहां नहीं आएंगे। जीवन को महान बनाने के लिए सत्संगति आवश्यक है। जीवन में कभी दुर्जनों के साथ उठना बैठना नहीं चाहिए। सत्संगति से धूमिल जीवन धवल हो जाता है। जीवन में सत्संग का भरपूर लाभ उठाएं। क्षुल्लिका पूजा भूषण, भक्तिभूषण माता ने प्रवचन किया। संगीतकार दीपक शर्मा एंड पार्टी ने भक्ति गीतों से सभी को मंत्र मुग्ध किया। सुनील मेरठ ने भजन सुनाएं। अनीता दिल्ली ने विचार रखे। राजकुमार जैन, संजय जैन, देवेंद्र जैन, राजेश जैन आदि का सहयोग रहा।