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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई परीक्षा, 728 विद्यार्थी रहे गैरहाजिर 

Wed, 07 Feb 2018 12:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचीं छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यूपी बोर्ड परीक्षा का मंगलवार से आगाज हो गया। पहले दिन 10वीं में गृहविज्ञान और इंटरमीडिएट में हिंदी का पेपर रहा। परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में उत्साह देखने को मिला। दोनों वर्गों की परीक्षा में पहले दिन 728 परीक्षार्थियों ने मुंह मोड़ लिया, जबकि 15,777 ने परीक्षा दी। परीक्षा सेंटरों के बाहर पुलिस बल का पहरा रहा, जबकि व्यवस्था के साथ नकल पर नकेल कसने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड ने दौड़ लगाए रखी। जनपद में कोई नकलची नहीं पकड़ा गया है।
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सुबह की पॉली में कक्षा दसवीं में गृह विज्ञान का पेपर रहा, जो सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ। इस परीक्षा के लिए जनपद में 10266 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। स्कूलों के बाहर रोल नंबर लिस्ट चस्पा कर दी गई थी, जिसमें अपना नाम तलाशने के लिए छात्रों ने खूब पसीना बहाया। सुबह की पॉली में 9791 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जबकि 475 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। सुबह की ही पॉली में कक्षा 12वीं में हिंदी प्रथम का पेपर रहा।

इसके लिए 6239 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 5986 विद्यार्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। हिंदी प्रथम में 253 ने परीक्षा छोड़ दी। पहले दिन कुल पहली पॉली में 16,505 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 15,777 ने पेपर दिया तथा 728 ने परीक्षा छोड़ दी। दोपहर को इंटरमीडिएट में ही हिंदी सामान्य का पेपर दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर जांच के लिए अधिकारियों की टीम ने औचक छापेमारी की। सचल दस्तों ने भी नकलचियों को पकड़ने के लिए दौड़ लगाई। जिले में 75 सेंटर पर कोई नकलची नहीं पकड़ा गया है। 
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छात्रों की तलाशी, आधार कार्ड की जांच 
मुजफ्फरनगर। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से पहले छात्रों की कतारबद्ध में तलाशी ली गई। प्रत्येक सेंटर पर तलाशी लेने के बाद ही एंट्री दी गई। साथ ही आधार कार्ड की भी जांच की गई। जिन छात्र-छात्राओं के पास आधार कार्ड नहीं था, उन्हें एडमिट कार्ड से एंट्री दी गई। हालांकि प्रदेश सरकार ने आधार कार्ड को लेकर छात्र-छात्राओं को राहत पहले ही दे दी थी। 

शिक्षकों को नहीं किया रिलीव 
मुजफ्फरनगर। पहले दिन कालेजों की लापरवाही भी सामने आई है। कई परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी पड़ गई। इसकी सूचना डीआईओएस को दी गई। आनन-फानन में रिजर्व में रखे गए शिक्षकों को भेजकर काम चलाया गया। डीआईओएस मुनेश कुमार ने कालेजों को चेतावनी जारी की है। जिसमें साफ कहा गया है कि जिन कालेजों के शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा में लगी है, उन्हें तत्काल रिलीव किया जाए। 

केंद्रों पर तैनात रहा पुलिस बल 
मुजफ्फरनगर। परीक्षा की कड़ी निगेहबानी को लेकर पुलिस बल तैनात किया गया। परीक्षा केंद्र के आसपास बाहरी व्यक्तियों को फटकने तक नहीं दिया गया। 

 

21 कक्ष निरीक्षक परीक्षा कराने नहीं पहुंचे 
खतौली। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के प्रथम दिन दो परीक्षा केेंद्रों में 21 कक्ष निरीक्षण नहीं पहुंचे। कक्ष निरीक्षकों के गैरहाजिर होने से एक स्कूल में 15 मिनट विलंब से परीक्षा शुरू हो सकी। करीब 15 परीक्षार्थियों ने पहली परीक्षा छोड़ी।

कबूल कन्या इंटर कालेज के परीक्षा केंद्र में मंगलवार को परीक्षा के पहले ही दिन प्रथम पाली में छह कक्ष निरीक्षक परीक्षा कराने नहीं पहुंचे। शिशु शिक्षा निकेतन से इन छह कक्ष निरीक्षक को आना था। प्रधानाचार्या सीमा त्यागी ने कक्ष निरीक्षकों के नहीं आने पर इसकी जानकारी डीआईओएस मुनेश कुमार को शिकायत की। डीआईओएस के निर्देश पर वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए कालेज के अध्यापकों को ही कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर लगाया गया।

जिस कारण करीब 15 मिनट विलंब से परीक्षा शुरू हो सकी। चौधरी तिलकराम इंटर कालेज के परीक्षा केंद्र में भी प्रथम पाली में परीक्षा कराने 15 कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे। इसलिए परीक्षा कक्षों में मात्र एक-एक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई। जबकि एक कक्ष में दो-दो कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगनी थी।

ये 15 कक्ष निरीक्षक वित्तविहिन वाले टीचर हैं। कबूल कन्या इंटर कालेज के परीक्षा केंद्र में हाईस्कूल की दो छात्राओं ने परीक्षा छोड़ी। इसके अलावा जवाहरलाल स्मृति इंटर कालेज रवापुरी सठेड़ी में हाईस्कूल के दो छात्र और इंटरमीडिएट के एक छात्र ने, देवी मंदिर कन्या इंटर कालेज में हाईस्कूल की पांच छात्राएं व इंटरमीडिएट की दो छात्राएं और पिकेट इंटर कालेज में इंटरमीडिएट के तीन छात्रों ने परीक्षा छोड़ी।

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