मुजफ्फरनगर। लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती इंटर कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित मातृ भारती सम्मेलन में बच्चों को संस्कारों की शिक्षा देने पर बल दिया गया। मातृ शक्ति से महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के खिलाफ चुप्पी तोड़ने का आह्वान करते हुए बेटियों के साथ बेटों को भी अच्छी शिक्षा देने पर जोर दिया।
गांव सहावली में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. तारिणी तनेजा ने शारदा के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रधानाचार्य सतीश उपाध्याय ने कहा कि मातृ भारती का उद्देश्य परिवारों में संस्कारमय वातावरण बनाना है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। शिक्षा के साथ-साथ बालकों में संस्कार भी होने चाहिए। बेटे और बेटी के बीच भेदभाव को जड़ से मिटाना होगा। अपनी व्यस्तता में से बच्चों के लिए समय अवश्य निकालें। बच्चों को आदर्श बातें सिखाएं। मुख्य वक्ता महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि मातृ शक्ति किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। चुप्पी तोड़े और अपने साथ होने वाले अपराध के विषय में तुरंत परिजनों को बताएं। अन्याय को किसी भी स्थिति में सहन न करें। समाज सेविका नीरू शर्मा ने कहा कि हम अपनी बेटियों को घरेलू कामों के विषय में बताते हैं, लेकिन हम कभी भी अपने बेटों को घर के कामकाज के विषय में नहीं बताते। उन्हें भी घर का हर काम सिखाएं। जब हम संस्कारवान होंगे, तो हमारे बच्चे अपने आप ही संस्कारवान होंगे।
पूर्व प्रधानाचार्य भूदेव सिंह ने बच्चों को संस्कारित बनाने का आह्वान किया। मातृ भारती की उपाध्यक्ष बीना शर्मा, अध्यक्ष आभा शर्मा ने बेटियों के साथ बेटों को भी संस्कारित बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, मातृ भारती संगठन की सदस्या ममता पटेल, पूर्व प्रधानाचार्या किरण मिश्रा, मेनका, कविता, ममता, शालू, हेमलता, राजबाला, दीपा, सोहनबीरी, अनिता, सोनम, रेखा, बबीता आदि मौजूद रही। संचालन कार्यक्रम संयोजिका अध्यापिका सरिता चौधरी ने किया। प्रधानाचार्य सतीश उपाध्याय ने सभी का आभार जताया।