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स्कूल में व्यवस्था बनाने से डीआईओएस ने खड़े किए हाथ

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पुरकाजी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने शुक्रवार को पुरकाजी में बने राजकीय इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। कॉलेज में अध्यापकों की तैनाती करने और फर्नीचर का इंतजाम करने में असमर्थता जताते हुए नगर चेयरमैन और ग्राम प्रधान लखनौती से सहयोग करने की अपील की।
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पुरकाजी कस्बे के बाहरी छोर पर लखनौती ग्राम सभा क्षेत्र में हाईवे पर शासन की ओर से गत वर्ष तीन करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण कराया गया था। इसका फरवरी माह में उद्घाटन कर अप्रैल माह में आधी अधूरी तैयारी के साथ सत्र का शुभारंभ कर एक महिला अध्यापक की तैनाती कर दी गई थी। कॉलेज में अब तक करीब 350 बच्चों के एडमिशन हो चुके हैं। मगर, कॉलेज में बच्चों के बैठने के लिए ना तो कुर्सी मेज की व्यवस्था ही की गई है और ना ही बिजली, पानी का ही कोई इंतजाम है। कॉलेज में मात्र दो महिला अध्यापक और एक चपरासी ही तैनात है। इस समस्या को अमर उजाला ने तीन जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार मिश्र कॉलेज पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसकी जानकारी मिलने पर पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी और ग्राम लखनौती के प्रधान अर्जुन सिंह भी कालेज पहुंच गए और कालेज में बच्चों के बैठने और उन्हें पढ़ाने के लिए अध्यापक तक का इंतजाम ना होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
इस पर डीआईओएस ने असमर्थता जताते हुए कालेज में अध्यापक तैनात करने में सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बारे में सचिव से वार्ता हुई है। इस माह के अंत या अगस्त तक अध्यापकों का इंतजाम हो जाएगा। तब तक आप लोग क्षेत्र के पढे़ लिखें युवकों को कॉलेज में शिक्षा मित्र के रूप में तैनात कर क्षेत्र के लोगों के सहयोग से उन्हें वेतन देकर शिक्षण कार्य संचालन शुरू कराने में सहयोग करें। फर्नीचर का इंतजाम करने के सवाल पर उन्होंने जल्द ही इंतजाम कराने का आश्वासन दिया।
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क्षेत्र के लोगों का लेंगे सहयोग।
पुरकाजी चेयरमैन का कहना है कि अगर शिक्षा विभाग जल्द ही कालेज में अध्यापकों की तैनाती नहीं करता है तो कस्बे व क्षेत्र के शिक्षित युवकों को कालेज में बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा सौंपा जाएगा। इसके लिए क्षेत्र के लोगों का सहयोग लेंगे, मगर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देंगे।
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