स्वामी कल्याणदेव कृषि विज्ञान केंद्र बघरा में लोक संगीत और कृषि गोष्ठी के कार्यक्रम में किसानों को मनोरंजन के साथ खेती की नवीनतम जानकारी दी गई। सेठपाल आर्य और साथी की रागिनी पर लोग झूम उठे।
आकाशवाणी नजीबाबाद के कलाकार सेठपाल आर्य और साथियों के द्वारा रागणी प्रस्तुत की गई। उनकी रागिनी सीमा ऊपर जंग छिड़ा मुझे हुक्म मिला सरकारी ने लोगों को राष्ट्र प्रेम से सराबोर कर दिया। एक के बाद एक उनकी प्रस्तुति से किसान वाह वाही कर उठे। कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशवाणी नजीबाबाद के स्टाफ आर्टिस्ट सनव्वर अली ने मां की पावन आराधना से किया। आकाशवाणी नजीबाबाद और सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन आकाशवाणी महानिदेशालय से आये सहायक महानिदेशक कार्यक्रम वीरसेन मलिक ने दीप प्रज्वलित कर किया। कहा कि रेडियो की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। किसानों को खेती के बारे में जानकारी देना और लोक संगीत से जोड़े रखना रेडियो की पुरानी परंपरा रही है। पटेल कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ एसके सचान ने विचार रखे। उज्जैन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति विक्रम सिंह, डॉ एसपीएस अहलावत ने किसानों को गन्ने की नवीनतम प्रजातियों की जानकारी दी। कार्यक्रम प्रमुख मंदीप कौर चड्ढा ने किसानों का स्वागत किया। जन सामान्य के हर वर्ग को सूचना , शिक्षा और मनोरंजन प्रदान करता है। जनता को जोड़ने के लिए आकाशवाणी ने यह पहल की है। महानिदेशालय ने मेरठ, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर को नजीबाबाद से जोड़ दिया है। इन जिलों में अब लगातार कार्यक्रम होते रहेंगे। संचालन आलोक त्यागी ने किया।