पलभर में कोच हो गए थे अलग थलग
खतौली (मुजफ्फरनगर)। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का वीभत्स मंजर चाय विक्रेता रामपाल ने खुद अपनी आंखों से देखा। बताया कि देखते ही देखते पलभर में ट्रेन के कोच अलग थलग होकर एक दूसरे पर चढ़ गए थे और कोचों के अंदर से यात्रियों की चीखों को इलाका गूंज उठा था। हादसे के मुकदमे में तफ्तीश करने मंगलवार को पहुंचे जांच अधिकारी गाजियाबाद जीआरपी के सीओ रणधीर ने भी रामपाल के कलमबंद बयान दर्ज किए।
मोहल्ला गणेशपुरी निवासी रामपाल (25) दुर्घटना स्थल से मात्र 33 मीटर की दूरी पर चाय की दुकान करता है। शनिवार को जिस दिन ट्रेन हादसा हुआ वह दुकान बंद करके बाहर खड़ा था और स्टेशन की ओर से आ रही ट्रेन को देखने लगा। उसने बताया कि जिस जगह पर रेलवे कर्मचारी ट्रैक ठीक रहे थे, वहां से जैसे ही ट्रेन निकली तो चिंगारियां उठने लगीं। देखते ही देखते ट्रेन के कोच अलग थलग होकर एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए। हादसा होते ही ट्रैक ठीक करने वाले कर्मचारी मौके से भाग निकले थे। हादसा होते ही कोचों के अंदर से यात्रियों की चीखें निकलने से इलाका गूंजने लगा था।
वहीं, ट्रेन हादसा दर्ज कराए गए मुकदमे की तफ्तीश करने मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचे जांच अधिकारी जीआपी गाजियाबाद के सीओ रणधीर सिंह ने चाय विक्रेता से हादसे की जानकारी लेते हुए बयान दर्ज किए। अगर हादसे के मुकदमे की सही तफ्तीश हुई तो हादसे का साक्षी बने रामपाल का बयान ही कर्मचारियों को दोषी ठहराने के लिए काफी है।