दिन में चल रहे यात्री, रात में सन्नाटा कायम
मुजफ्फरनगर। खतौली में कलिंग उत्कल हादसे के बाद रेल सफर करने वालों में कमी दिखाई दे रही है। इसका असर टिकट खिड़की के साथ आरक्षण काउंटर और साइबर कैफों पर पड़ा है। दिन के उजाले में भी यात्रियों की संख्या थोड़ी बहुत है, लेकिन शाम होते ही स्टेशन पर सन्नाटा पसर रहा है।
पुरी-हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के खतौली में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दिल्ली-टपरी वाया मेरठ मंडल की रेलवे लाइन पर दौड़ रही ट्रेनों के डिब्बे खाली हैं। हादसे के चार दिन बीतने के बाद भी यात्रियों में खौफ बैठ गया है। दैनिक यात्रियों ने भी रेलवे से मुंह मोड़ लिया है। हादसे के बाद से रेलवे स्टेशन पर टिकट बुक कराने वाले यात्रियों में कमी आ गई है। बांद्रा-देहरादून, गोल्डन टेम्पल मेल, शालीमार, जनशताब्दी एक्सप्रेस समेत नौचंदी एक्सप्रेस ट्रेन के आरक्षण में भी कमी दर्ज की गई है।
हादसे पहले इन ट्रेनों में रोजाना स्टेशन से दर्जनभर टिकट बुक रहते थे, जो अब नहीं है। साइबर कैफों से ऑनलाइन बुक होने वाले टिकट भी कम हो गए है। कैफे संचालक मोहित कुमार ने बताया कि एक्का-दुक्का यात्री की टिकट बुक करा रहे हैं। उधर, दिन में स्टेशन पर चहल-पहल दिखाई दे रही है, लेकिन दिन ढ़लने के बाद सन्नाटा पसर रहा है। रात नौ बजे के बाद पूरी तरह से स्टेशन खाली हो रहा है।