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घायलों को बचाने में जुटे रहे डॉक्टर

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अस्पतालों में 24 घंटे जागे स्वास्थ्य कर्मचारी
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मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस हादसे के घायलों की तादाद 203 तक पहुंच गई है। हालांकि सैकड़ों लोगों को मरहम पट्टी के बाद घर भेज दिया गया। गंभीर रूप से घायल ही अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। खतौली सीएचसी के अलावा बेगराजपुर मेडिकल कालेज और स्वामी कल्याणदेव राजकीय जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने डॉक्टरों के साथ रेल यात्रियों को बचाने में जुटे रहे।
सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि विभाग से अधिकांश चिकित्सक और कर्मचारी ड्यूटी खत्म कर घर चले गए थे कि तभी हादसे की सूचना पहुंची। आनन-फानन में एंबुलेंस विभाग के साथ डॉक्टरों को अलर्ट किया गया। शनिवार सात बजे के खतौली सीएचसी, जिला चिकित्सालय पर एक के बाद एक घायल आने शुरू हो गए। रविवार को भी अस्पताल का नजारा भयावह रहा। यहां चारों ओर खून से लथपथ पड़े मरीज और चिकित्सकीय व्यवस्था को डॉक्टरों, कर्मचारियों की टीम दौड़ लगाती रही। स्थिति इस कद्र भयानक रही कि एंबुलेंस से घायल को उतारते ही वापस मोड़ना पड़ गया। खास बात यह रही कि सीधें एंबुलेंस को घटनास्थल पर रवाना किया जाता रहा। स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस प्रभारी काव्य शर्मा ने शामली, बिजनौर, सहारनपुर की एंबुलेंस भी घटनास्थल पर भिजवाई। करीब 97 एंबुलेंस भी हालातों को काबू करने में हांफ गई। उधर, सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने हालात को देखते हुए खतौली सीएचसी पर गालिबपुर पीएचसी, जानसठ सीएचसी, मोरना पीएचसी के स्टॉफ को तैनात किया।
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दवाइयों की पूर्ति के लिए दौड़े अधिकारी
मुजफ्फरनगर। खतौली सीएचसी पर घायलों की संख्या बढ़ऩे से स्थिति बेकाबू हो गई। यहां पर 75 घायल पहुंच गए, जिनमें से तीन को मेरठ रेफर किया गया, बाकी 73 को यहीं उपचार मिला। उपचार के दौरान दवाईयों को टोटा होता देख अधिकारियों ने खुद की दौड़ लगा दी। आसपास के सेंटरों से दवाईयों को अस्पताल में भिजवाया गया।
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