विद्यालय राष्ट्र निर्माण की इकाई, बच्चे राष्ट्र निर्माता
बुढ़ाना। पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजपुर-छाजपुर में आयोजित नारी चौपाल कार्यक्रम में आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि विद्यालय राष्ट्र निर्माण की इकाई हैं, बच्चे भविष्य के राष्ट्र निर्माता होते हैं। इस मौके पर राज्य शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत गीता रानी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
तहसील क्षेत्र के राजपुर-छाजपुर गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को नारी चौपाल कार्यक्रम/ मातृ शक्ति सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में पधारे आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि यथार्थ शिक्षा वही है, जिससे हमारे बच्चे ज्ञानवान, चरित्रवान, संस्कारी और गुणकारी बने। बच्चों को निर्माण में माता की अहम भूमिका होती है। मां बच्चे की प्रथम गुरु होती है। जिला पंचायत सदस्या अंजलि मलिक ने कहा कि पतिव्रत धर्म पालन करना भारतीय नारी का गौरव रहा है। हमारी संस्कृति में माता का सबसे ऊंचा स्थान है। उन्होंने कहा कि बालिका और नारी अपने कर्त्तव्यों के साथ अधिकारों भी जाने।
राज्य पुरस्कार में चयनित अध्यापिका गीता रानी ने कहा कि मां की सेवा से बढ़कर कोई पूजा कोई तीर्थ नहीं है। नारी की शोभा आभूषण नही उसके नम्रता व सादगी से होती है। इस मौके पर स्कूल के बच्चों ने विभिन्न सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत किये। भ्रूण हत्या, बालिका शिक्षा, स्कूल चलो अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मीना मंच तथा कन्या की विदाई आदि को लेकर गीत, नाटिका प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजपाल राठी, यशपाल सिंह, मंगत सिंह, धीर सिंह, अजब सिंह, राकेश शर्मा, विनोद शर्मा, सविता, गरिमा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सविता जावला, संचालन गरिमा ने किया।