मुजफ्फरनगर। मच्छरों की रोकथाम के लिए जिले में चल रहा फॉगिंग अभियान फिलहाल थम गया है। मलेरिया विभाग ने गेहूं की कटाई के चलते इस अभियान को टाल दिया है। फॉगिंग के दौरान गेहूं पर दवा के असर होने की भी आशंका रहती है। कुछ दिन बाद इस अभियान को फिर से शुरू किया जाएगा।
गर्मियां शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप भी शुरू हो जाता है। इसी के साथ मलेरिया भी पनपने लगता है। इसकी रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग फॉगिंग कराता है। मशीन के जरिए मैलाथियान दवा धुएं के साथ छोड़ी जाती है। जिस क्षेत्र में फॉगिंग होती है वहां पहले ही खाने-पीने की चीजों को ढककर रखने के लिए सूचित कर दिया जाता है। मलेरिया को लेकर खादर क्षेत्र के गांव संवेदनशील हैं। इसलिए शहर के साथ मलेरिया विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में भी फॉगिंग करा रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। इसलिए विभाग ने फॉगिंग बंद कर दी है। फॉगिंग की दवा असर गेहूं में होने की आशंका के साथ ही आग लगने का भी डर रहता है। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि गेहूं कटाई पूरी होने तक फॉगिंग का काम रोक दिया गया है।
बढ़े तापमान से कम हुए मच्छर
इन दिनों तापमान 40 डिग्री के आसपास चल रहा है। तेज गर्मी मच्छरों को खत्म कर देती है। तापमान बढ़ने से गर्मी तो बढ़ी, लेकिन मच्छरों का प्रकोप कम हो गया है। मच्छरों के कम होने से मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियां फैलने का खतरा कम हो गया है।