फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भड़ाना भाजपा में रहे आभास ही नहीं हुआ

विज्ञापन
विज्ञापन
कभी आभास ही नहीं हुआ भाजपा में हैं भड़ाना
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। मीरापुर से भाजपा विधायक अवतार भड़ाना के पार्टी में रहने का जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं को कभी आभास ही नहीं हुआ। वह न तो पार्टी के कार्यक्रमों में भाग लेते थे और न ही पार्टी की योजनाओं के प्रचार का काम करते थे। किसी बड़े कार्यक्रम में मजबूरी में शामिल होते थे।
विज्ञापन

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जब जिले की मीरापुर विधानसभा सीट से अवतार भड़ाना को टिकट मिला, तो सभी कार्यकर्ता सकते में थे। अवतार भड़ाना ने न तो कभी बीजेपी में काम किया था और न ही वह पार्टी कार्यकर्ताओं को स्वीकार्य थे। कार्यकर्ताओं ने भड़ाना का जमकर विरोध भी किया था। बाद में बड़े नेताओं के समझाने के बाद उन्हें वोट ही नहीं दिया, जीत की दहलीज तक भी पहुंचा दिया। भड़ाना भाजपा में बड़े मंसूबे लेकर आए थे, उन्हें उम्मीद थी कि वह कैबिनेट मंत्री बनेंगे, लेकिन भाजपा ने टिकट देने में जो गलती की, मंत्री बनाने में उसे नहीं दोहराया। पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान रखा। चुनाव जीतने के बाद से ही भड़ाना पार्टी में बेचैनी महसूस कर रहे थे। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों में कभी भाग नहीं लिया। अधिकतर कार्यक्रमों में जिले के पांच विधायक ही नजर आए। अपने विधानसभा क्षेत्र में भी उनकी कम ही आमद होती रही। यही कारण रहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं से भी उनकी सही तरीके से नहीं पटी। लोकसभा चुनाव की आहट होते ही अवतार भड़ाना सांसद का टिकट मांगने लगे। जब उन्हें लगा कि भाजपा में अब दाल गलने वाली नहीं है, तो उन्होंने भाजपा से त्याग पत्र दे दिया और कांग्रेस का दामन थाम लिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भेजे पत्र में भड़ाना ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ सुधीर सैनी का कहना है कि भड़ाना जैसे लोग स्वार्थी है, अपने स्वार्थ के लिए पार्टी बदलते रहते हैं। इनके पार्टी छोडऩे से भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें