मुजफ्फरनगर। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में ही प्रसव कराने के लिए प्रेरित कर रहा है। जननी सुरक्षा और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित पोषण अभियान आदि कार्यक्रमों के चलने बावजूद विभाग लक्ष्य से दूर है। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न सीएचसी और पीएचसी पर निर्धारित तिथि तक लक्ष्य 6155 के सापेक्ष 2955 संस्थागत प्रसव ही हो पाए।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) में स्वास्थ्य विभाग के 16 में से कुछ ब्लाॅक में स्थिति काफी खराब पाई गई। इन ब्लाॅकों के स्वास्थ्य केंद्रों में मई माह के अंत तक 6155 संस्थागत प्रसव कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 2955 ही प्रसव हुए, जो लक्ष्य का 48 प्रतिशत है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष भर का लक्ष्य 35928 रखा गया है।
बुढाना ब्लॉक अव्वल, बघरा रहा फिसड्डी
संस्थागत प्रसव कराने के मामले में बघरा ब्लाॅक की उपलब्धि कुछ बेहतर रही। बघरा को वर्ष 2025-26 के लिए 2738 संस्थागत प्रसव कराने का लक्ष्य दिया गया था। मई माह के अंत तक लक्ष्य 456 बैठ रहा था। जिसके सापेक्ष 288 प्रसव कराकर 63.11 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। पुरकाजी ब्लाॅक में 59.23, खतौली में 52.56, चरथावल में 51.25 और मोरना 48.85 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। जानसठ ब्लाॅक में 36.67, शाहपुर में 33.56 एवं सदर ब्लाॅक में लक्ष्य के सापेक्ष केवल 33.18 प्रतिशत ही संस्थागत प्रसव हो सका। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष संस्थागत प्रसव कराने के लिए निर्देशित किया है।
जनपद के ब्लॉकों में संस्थागत प्रसव की स्थिति
ब्लाक लक्ष्य उपलब्धि
बुढाना 456 288
पुरकाजी 400 237
खतौली 531 279
चरथावल 521 267
मोरना 528 258
जानसठ 649 238
शाहपुर 474 159
सदर 578 149
बघरा 482 160